Asian Games 2026 Boxing: जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। मंगलवार का दिन भारतीय मुक्केबाजी फैंस के लिए काफी खास रहा, जब रिंग में उतरे तीन में से दो भारतीय मुक्केबाजों ने फाइनल का टिकट पक्का कर लिया। वहीं, एक मुक्केबाज को सेमीफाइनल में हार के बाद कांस्य पदक (bronze medal) से संतोष करना पड़ा। इस प्रदर्शन के बाद अब भारतीय मुक्केबाजी दल से कम से कम 2 गोल्ड मेडल (gold medal) की मजबूत उम्मीद बंध गई है।
रिंग में भारतीय मुक्केबाजों का जलवा
भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले कुछ सालों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है और इस बार भी वही लय देखने को मिल रही है। मंगलवार को पुरुषों के 80 किलोग्राम (80 kg.) भारवर्ग में अंकुश पंघाल (Ankush Panghal) और महिलाओं के 65 किलोग्राम भारवर्ग में परवीन हुड्डा (Parveen Hooda) ने अपने-अपने सेमीफाइनल (semi final) मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई। वहीं, 90 किलोग्राम से अधिक भारवर्ग में नरेंद्र बेरवाल (Narender Berwal) को हार का सामना करना पड़ा और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।
अंकुश पंघाल ने दी वर्ल्ड चैंपियन को मात
पुरुषों के 80 किलोग्राम सेमीफाइनल में अंकुश पंघाल का सामना उज्बेकिस्तान के फादिलउद्दीन इरकिनबोएव से था, जो 75 किलोग्राम वर्ग के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन हैं। मुकाबले की शुरुआत में अंकुश पहला राउंड 1-4 से पिछड़ गए थे। हालांकि, उन्होंने दूसरे राउंड में बेहतरीन वापसी करते हुए 3-2 से बढ़त बनाई। इसके बाद तीसरे राउंड में अंकुश ने पूरी तरह दबदबा बनाते हुए 5-0 से राउंड अपने नाम किया और मैच 4-1 से जीत लिया। इसके साथ ही अंकुश साल 2018 में अमित पंघाल के बाद एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बन गए हैं।
परवीन हुड्डा ने एकतरफा मैच में दर्ज की जीत
महिलाओं के 65 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में परवीन हुड्डा का सामना चीन की शू ली से था। पहले राउंड में चीनी मुक्केबाज ने परवीन को अच्छी टक्कर दी, लेकिन परवीन ने संयम बनाए रखा। इसके बाद अगले दोनों राउंड में परवीन ने रणनीतिक बदलाव करते हुए शू ली को कोई मौका नहीं दिया और मुकाबला 5-0 से अपने नाम कर लिया। परवीन अब एमसी मैरी कॉम (Mary Kom) (2014) और लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) के बाद एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं।
नरेंद्र बेरवाल को मिला ब्रॉन्ज मेडल
90 किलोग्राम से अधिक भारवर्ग में नरेंद्र बेरवाल से भी फाइनल में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि, कजाकिस्तान के आइबेक ओरलबे के सामने उनकी एक न चली। आइबेक ने तीनों राउंड में आक्रामक रुख बनाए रखा और नरेंद्र को संभलने का मौका नहीं दिया। कजाक मुक्केबाज ने यह मैच 5-0 से जीत लिया। सेमीफाइनल में हार के चलते नरेंद्र को ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी ब्रॉन्ज मेडल ही हासिल किया था।
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