Goat Farming : उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत अब ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर दिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, प्रदेश की महिलाओं को अब भारी अनुदान पर पशुधन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे अपने गांव में रहकर ही एक बेहतरीन आजीविका शुरू कर सकें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर Goat Farming को एक बड़े स्वरोजगार के रूप में स्थापित करना है, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई गति मिल सके।
पांच बकरियों और एक बकरे की मिलेगी यूनिट
इस खास योजना के तहत स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की पात्र महिलाओं को पांच बकरियों और एक बकरा दिया जाएगा। इस पूरी यूनिट की कुल कीमत लगभग 60 हजार रुपये तय की गई है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस राशि का 90 प्रतिशत हिस्सा सरकार खुद सब्सिडी के रूप में देगी। यानी लाभार्थी महिला को अपनी जेब से सिर्फ 10 प्रतिशत राशि (लगभग 6,000 रुपये) ही लगानी होगी। इस तरह बेहद कम पूंजी में ग्रामीण महिलाएं Goat Farming का अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।
पशुपालन विभाग देगा प्रशिक्षण
योजना का लाभ केवल जानवरों को बांटने तक सीमित नहीं है। पशुपालन विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि महिलाएं वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से Goat Farming करना सीखें। इसके लिए चयनित महिलाओं को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें बकरियों के संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण, बीमारियों से बचाव और बेहतर रखरखाव की पूरी जानकारी शामिल होगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद पशुपालन विभाग की टीम बकरियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी भी करेगी, ताकि पशुओं को स्वस्थ रखकर अच्छा उत्पादन लिया जा सके।
पूर्व अनुभव वाली महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता
इस योजना का लाभ उठाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकों का आयोजन कर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से आवेदन मांगे जाएंगे। जिन महिलाओं को पहले से पशुपालन या Goat Farming का थोड़ा बहुत अनुभव है, उन्हें चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, जो महिलाएं पिछले तीन वर्षों में इस तरह की किसी सरकारी योजना का लाभ ले चुकी हैं, वे दोबारा आवेदन नहीं कर सकेंगे। योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू करने के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा सभी आवेदनों की गहनता से जांच की जाएगी।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना से जुड़कर Goat Farming का काम शुरू करने के लिए महिलाओं को कुछ जरूरी कागजात जमा करने होंगे। आवेदन फॉर्म के साथ पहचान पत्र, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट और 10 रुपये के स्टांप पेपर पर एक शपथ पत्र देना होगा। इस शपथ पत्र में यह लिख कर देना होगा कि लाभार्थी महिला कम से कम तीन साल तक इस काम को नियमित रूप से चलाएगी। प्रशासन द्वारा ग्रामीण इलाकों में शिविर लगाकर महिलाओं को इस योजना के बारे में लगातार जागरूक किया जा रहा है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।







