कैबिनेट के 7 बड़े फैसले : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की एक बेहद अहम बैठक हुई। इस बैठक में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और कृषि क्षेत्र को रफ्तार देने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। सरकार ने एक साथ कैबिनेट के 7 बड़े फैसले को मंजूरी दी है, जिसके तहत कुल 2 लाख 19 हजार 353 करोड़ रुपये की परियोजनाओं और नीतियों को हरी झंडी दिखाई गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ये फैसले भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
काशी को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए दो बड़े कॉरिडोर
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि इन कैबिनेट के 7 बड़े फैसले में से पहले दो बड़े फैसले वाराणसी के विकास से जुड़े हैं। शहर को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए वरुणा नदी के किनारे 10,998 करोड़ रुपये की लागत से 6/4-लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी मिली है। इसके साथ ही, गंगा नदी के किनारे 14,448 करोड़ रुपये की लागत से एक और 6-लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
सेमीकंडक्टर 2.0 और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को मिला बड़ा बूस्ट
भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाने के लिए इस बैठक में बड़े वित्तीय आवंटन किए गए हैं। इन कैबिनेट के 7 बड़े फैसले के तहत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 1 लाख 27 हजार 500 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ ‘सेमीकंडक्टर 2.0’ को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, देश में मोबाइल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 62,500 करोड़ रुपये के बजट के साथ ‘मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ (MPMS) को भी पास किया गया है।
यूरिया उत्पादन और रेलवे नेटवर्क के विस्तार पर जोर
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कैबिनेट ने ‘नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026’ को स्वीकृति दी है, ताकि भारत यूरिया उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सके। वहीं, लॉजिस्टिक्स को बेहतर करने के लिए लिए गए इन कैबिनेट के 7 बड़े फैसले में दो रेलवे प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं। इनमें 2,542 करोड़ रुपये की लागत से पारादीप-हरिदासपुर रेलवे लाइन का दोहरीकरण और 1,365 करोड़ रुपये की लागत से डांगोआपोसी और राजखरसवां के बीच चौथी रेलवे लाइन का निर्माण किया जाएगा। कुल मिलाकर देखें तो ये कैबिनेट के 7 बड़े फैसले देश के आर्थिक और सामाजिक विकास को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाले हैं। सेमीकंडक्टर से लेकर कृषि और रेलवे तक फैले ये प्रोजेक्ट्स न केवल देश का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करेंगे, बल्कि आने वाले समय में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगे।






