Khadi India Pavilion : आज के समय में जब हम फैशन और अच्छे कपड़ों की बात करते हैं, तो अक्सर हमारे दिमाग में बड़े-बड़े विदेशी ब्रांड्स आ जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी अपनी पारंपरिक खादी अब बिल्कुल नए और फैशनेबल अवतार में दुनिया के सामने आ चुकी है? नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स 2026 में इस बार Khadi India Pavilion लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां खादी को एक नए और आधुनिक लाइफस्टाइल सिंबल के रूप में पेश किया जा रहा है।
नए जमाने की पसंद बनी ‘नई खादी’
खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष मनोज गोयल ने हाल ही में इस खास पवेलियन का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी अब सिर्फ एक कपड़ा नहीं रह गई है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और ग्रामीण आजीविका का एक मजबूत प्रतीक बन चुकी है। इस बार Khadi India Pavilion का मुख्य उद्देश्य खादी को आधुनिक रंग-रूप में पेश करना है। यहां खादी के बने होम डेकोर, होम लिनेन और आज की पीढ़ी की पसंद के ट्रेंडी कपड़े प्रदर्शित किए गए हैं, जो यह दिखाते हैं कि खादी अब वैश्विक फैशन उद्योग में मजबूती से कदम रख चुकी है।
पारंपरिक बुनाई और आधुनिक डिजाइन का संगम
इस प्रदर्शनी में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कारीगरों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया है। इस बार Khadi India Pavilion में पश्चिम बंगाल की मशहूर ‘मुला’ जामदानी साड़ियों का कलेक्शन लोगों को बेहद पसंद आ रहा है। पारंपरिक जामदानी बुनाई को आधुनिक डिजाइनों के साथ जोड़ना एक बेहतरीन प्रयोग है। यह नवाचार न केवल हमारे बुनकरों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाएगा, बल्कि युवाओं को भी अपनी संस्कृति से जोड़ेगा। खादी अब ‘लोकल से ग्लोबल’ होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को बढ़ावा
खादी का यह सफर सिर्फ फैशन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी है। साल 2025-26 के दौरान खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने 1.87 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बड़ा कारोबार किया है, जिससे देश भर में करीब 2.04 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। इसीलिए Khadi India Pavilion में न सिर्फ कपड़े, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स और पारंपरिक उत्पादन उपकरण भी दिखाए गए हैं, ताकि लोग इस पूरी प्रक्रिया और इसके पीछे की मेहनत को करीब से समझ सकें।
14 से 17 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस वैश्विक आयोजन में देश-विदेश से हजारों खरीदार, डिजाइनर और कारोबारी हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में Khadi India Pavilion के जरिए भारत अपनी समृद्ध विरासत, डिजाइन कौशल और सतत (सस्टेनेबल) विकास की प्रतिबद्धता को वैश्विक मंच पर गर्व के साथ दिखा रहा है। यह इस बात का सबूत है कि हमारी पारंपरिक खादी आने वाले समय में भी लोगों की पहली पसंद बनी रहेगी।
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