Varanasi Elevated Corridor : धर्म और संस्कृति की नगरी काशी के विकास को एक नई रफ्तार मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले 46.039 किलोमीटर लंबे 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 14,447.64 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
जाम से मिलेगी मुक्ति, सफर का समय होगा बेहद कम
Varanasi Elevated Corridor के बनने से स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को रोज-रोज के ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में शहर के भीतर गाड़ियों के भारी दबाव के कारण लोगों को घंटों जाम में बिताना पड़ता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर के मुख्य प्रभाव क्षेत्र में औसत यात्रा समय 60 मिनट से घटकर सिर्फ 20 मिनट रह जाएगा। इसके अलावा, NH-19 से काशी रेलवे स्टेशन तक का सफर भी 50 मिनट की जगह लगभग 25 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) हाइब्रिड वार्षिकी मॉडल (HAM) के तहत तैयार करेगा।
परिवहन सुविधाओं और प्रमुख पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प
यह पूरी परियोजना पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है, जो अलग-अलग परिवहन माध्यमों को आपस में जोड़ती है। इसके बनने से लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा, काशी रेलवे स्टेशन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और रामनगर अंतर्देशीय जलमार्ग बंदरगाह जैसी जगहों तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। सिर्फ यही नहीं, बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। काशी विश्वनाथ मंदिर, बीएचयू, नमो घाट और रामनगर किला जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक कनेक्टिविटी बेहतर होने से क्षेत्र में रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे।
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आधुनिक इंजीनियरिंग और काशी की संस्कृति का अनूठा मेल
इस कॉरिडोर के निर्माण में कई आधुनिक तकनीकों और बेहतरीन इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें एलिवेटेड मुख्य मार्ग के साथ-साथ गंगा नदी पर 910 मीटर लंबा एक शानदार केबल-स्टे पुल बनाया जाएगा। पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए 1.32 किलोमीटर लंबा एक्स्ट्राडोज्ड पैदल पुल-सह-प्रमुख पुल भी बनेगा, जिसमें आधुनिक ट्रैवलेटर लगे होंगे। इसके अलावा, रेल ओवरब्रिज, आपातकालीन पार्किंग, ध्वनि अवरोधक और आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था भी होगी। सबसे खास बात यह है कि इस कॉरिडोर की बनावट और डिजाइन में वाराणसी की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई देगी।
Varanasi Elevated Corridor को मंजूरी मिलना पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक बड़ा कदम है। यह परियोजना न केवल शहर में सड़क सुरक्षा बढ़ाएगी और प्रदूषण कम करेगी, बल्कि ईंधन व परिवहन लागत को घटाकर व्यापार को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर यह बदलाव आने वाले समय में काशी की तस्वीर को पूरी तरह बदल कर रख देगा।






