Gonda : उत्तर प्रदेश के Gonda जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई सामने आई है। यहाँ एंटी करप्शन टीम (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) ने नगर पालिका परिषद के नजूल अमीन गुरुचरण पांडेय को एक लाख रुपये की मोटी घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। अमीन पर आरोप है कि उसने एक मकान के कागजात दुरुस्त करने और उसकी मरम्मत का काम शुरू करने की अनुमति देने के एवज में यह रिश्वत मांगी थी। इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
हरियाणा के रहने वाले शख्स की शिकायत पर बिछाया गया जाल
इस बड़ी कार्रवाई की कहानी तब शुरू हुई जब हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले परिवर्तन शुक्ल ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। परिवर्तन शुक्ल फिलहाल Gonda के एलबीएस चौराहे के पास रह रहे हैं। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई कि नगर पालिका परिषद के संप्रति नजूल अमीन गुरुचरण पांडेय उनके मकान का ‘फार्म 45’ ठीक करने और मकान की मरम्मत का काम शुरू करने देने के लिए लगातार एक लाख रुपये की घूस मांग रहे हैं। शिकायत मिलते ही एंटी करप्शन की टीम तुरंत एक्शन में आ गई और जाल बिछाया गया।
वीर अब्दुल हमीद चौराहे के पास से हुई गिरफ्तारी
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही अमीन गुरुचरण पांडेय ने वीर अब्दुल हमीद चौराहे के पास रिश्वत की रकम पकड़ी, वैसे ही घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन टीम ने उसे धर दबोचा। आरोपी अमीन मूल रूप से Gonda के देहात कोतवाली क्षेत्र के माझा तरहर का रहने वाला है।
ट्रैप टीम के प्रभारी धनंजय कुमार सिंह ने आरोपी के खिलाफ नगर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने रिश्वत के तौर पर बरामद ₹1 लाख की नकदी के साथ-साथ शिकायतकर्ता का बयान, प्री-ट्रैप जांच रिपोर्ट और घटना से जुड़े ऑडियो-वीडियो साक्ष्य भी जब्त कर लिए हैं।
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Gonda में पहले भी नपे हैं कई घूसखोर
यह कोई पहली बार नहीं है जब Gonda जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की बड़ी कार्रवाई हुई हो। एंटी करप्शन टीम यहाँ लगातार सक्रिय है। इससे पहले भी कई भ्रष्ट कर्मचारियों को जेल का रास्ता दिखाया जा चुका है:
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23 जून: वन दारोगा बालक राम को ₹6,000 की घूस लेते पकड़ा गया था।
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पिछले साल 11 जून: धानेपुर थाने के उपनिरीक्षक (SI) अंकित कुमार यादव को केस हल्का करने के नाम पर ₹5,000 लेते दबोचा गया था।
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इसके अलावा सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक और कई लेखपाल भी रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं।
रिश्वत मांगे जाने पर यहाँ करें शिकायत:
ट्रैप टीम प्रभारी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो डरने के बजाय भ्रष्टाचार निवारण संगठन के मोबाइल नंबर 9454402492 या 9454402484 पर तुरंत संपर्क करें।







