UK PM Resign: ब्रिटेन की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले कुछ दिनों से चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने आखिरकार अपने पद से हटने का फैसला कर लिया है। सोमवार (22 जून) को उन्होंने आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान किया। स्टार्मर ने साफ किया कि उनका हर एक फैसला हमेशा देश की भलाई के लिए था और इसी वजह से वह यह बड़ा कदम उठा रहे हैं। हालांकि, जब तक देश को नया प्रधानमंत्री नहीं मिल जाता, तब तक वह कार्यवाहक पीएम के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
क्यों देना पड़ा Keir Starmer का इस्तीफा?
महज दो साल पहले जुलाई 2024 में कीर स्टार्मर ने लेबर पार्टी को एक ऐतिहासिक और बंपर जीत दिलाई थी। उस समय पार्टी ने 174 सीटों के भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी। लेकिन सत्ता संभालने के बाद से ही स्टार्मर की राह आसान नहीं रही। उनके कार्यकाल के दौरान कई ऐसे नीतिगत फैसले लिए गए, जिससे न सिर्फ जनता बल्कि उनकी अपनी ही पार्टी के सांसद नाराज हो गए।
विशेष रूप से बुजुर्गों के विंटर फ्यूल (सर्दियों के ईंधन) भुगतान में कटौती का फैसला और वॉशिंगटन में पीटर मैंडेलसन को राजदूत नियुक्त करने का कदम भारी विवादों में रहा। इन फैसलों की वजह से पार्टी के भीतर असंतोष बहुत तेजी से बढ़ा। हाल के जनमत सर्वेक्षणों (ओपिनियन पोल्स) में भी लेबर पार्टी का ग्राफ नीचे गिरा और प्रधानमंत्री स्टार्मर की निजी लोकप्रियता में भारी गिरावट दर्ज की गई।

पार्टी सांसदों के भारी दबाव के आगे झुके स्टार्मर
लेबर पार्टी के भीतर यह डर लगातार घर कर रहा था कि अगर देश के नेतृत्व में तुरंत बदलाव नहीं किया गया, तो आने वाले समय में पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा। पार्टी सांसदों को आशंका थी कि इस कमजोरी का सीधा फायदा ‘रिफॉर्म यूके’ के दक्षिणपंथी नेता नाइजल फैराज को मिल सकता है। इसी वजह से पिछले कुछ दिनों से कैबिनेट मंत्रियों और सांसदों ने स्टार्मर पर पद छोड़ने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने गरिमा के साथ पद से हटने का विकल्प चुना।
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कौन होगा ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री?
Keir Starmer के इस बड़े ऐलान के बाद अब हर किसी के जेहन में यही सवाल है कि ब्रिटेन की कमान अब किसके हाथों में जाएगी। इस रेस में लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता एंडी बर्नहम का नाम सबसे आगे चल रहा है। बर्नहम ने हाल ही में उत्तर इंग्लैंड की मेकरफील्ड सीट पर हुए प्रतिष्ठित उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज कर संसद में वापसी की है, जिससे उनका दावा बेहद मजबूत हो गया है।
पार्टी के नियमों के मुताबिक, नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया जुलाई में शुरू होगी और नया पीएम सितंबर तक अपना कार्यभार संभाल सकता है। इस रेस में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग का नाम भी चर्चा में था, लेकिन उन्होंने एंडी बर्नहम को अपना समर्थन देने का फैसला किया है, जिससे बर्नहम का रास्ता लगभग साफ नजर आ रहा है।
कीर स्टार्मर का इस्तीफा यह दिखाता है कि राजनीति में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद भी आंतरिक असंतोष और जनता की नाराजगी कितनी भारी पड़ सकती है। महज दो साल के भीतर ब्रिटेन एक बार फिर नए नेतृत्व की तरफ बढ़ रहा है। अब देखना यह होगा कि आने वाला नया प्रधानमंत्री लेबर पार्टी और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को इस राजनीतिक उथल-पुथल से कैसे बाहर निकालता है।
