Qatar के Gas Plant धमाके में 12 भारतीयों की मौत: रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुआ भीषण हादसा

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Qatar से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जिसने वहां रह रहे भारतीय समुदाय और देश में उनके परिवारों को झकझोर कर रख दिया है। कतर के एक प्रमुख gas plant में रविवार रात को एक भीषण धमाका हुआ, जिसमें कुल 13 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। बेहद अफसोस की बात यह है कि जान गंवाने वाले इन लोगों में 12 नागरिक हमारे अपने देश यानी भारत के हैं। इस हादसे के बाद से ही दोहा में मौजूद भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय हो गया है और पीड़ित परिवारों की मदद के लिए लगातार कदम उठा रहा है।

Qatar में कैसे और कहां हुआ यह हादसा

यह दर्दनाक हादसा कतर के रास लाफान लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) कॉम्प्लेक्स के भीतर स्थित बरजान गैस फैसिलिटी में हुआ। यह इलाका कतर के सबसे मुख्य एनर्जी हब और निर्यात केंद्रों में से एक माना जाता है। सरकारी कंपनी कतर एनर्जी से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार की रात को एक्सपोर्ट टर्मिनल के कुछ हिस्सों को दोबारा चालू करने का काम चल रहा था, तभी अचानक वहां एक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते चारों तरफ भीषण आग फैल गई।

Qatar, gas plant

70 किलोमीटर दूर तक दहली धरती

यह धमाका कितना भयानक था, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसकी गूंज और कंपन को हादसे वाली जगह से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित राजधानी दोहा तक में महसूस किया गया। धमाके की खबर मिलते ही आपातकालीन राहत और बचाव दल की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति को काबू में करने का काम शुरू किया। इस हादसे में कुल 66 लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कतर के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह एक तकनीकी दुर्घटना थी, न कि कोई जानबूझकर किया गया हमला या तोड़फोड़।

Qatar, gas plant

दो दिन पहले ही शुरू हुआ था काम

एक और हैरान करने वाली बात यह है कि इस gas plant को जरूरी मेंटेनेंस और मरम्मत के काम के लिए दिसंबर 2025 में बंद कर दिया गया था। लंबे समय तक बंद रहने के बाद, हादसे से ठीक दो दिन पहले ही यहां दोबारा गैस का उत्पादन शुरू किया गया था। बरजान फैसिलिटी कतर के गैस इंफ्रास्ट्रक्चर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसकी क्षमता लगभग 1.4 बिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट प्रतिदिन की है। यहां बनने वाली गैस का इस्तेमाल कतर में बिजली बनाने और खारे पानी को पीने लायक मीठा पानी बनाने वाले प्लांटों को चलाने के लिए किया जाता है।

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भारतीय दूतावास ने संभाला मोर्चा

घटना के बाद दोहा में स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए इस बात की पुष्टि की है कि मारे गए 13 लोगों में से 12 भारतीय नागरिक थे। दूतावास ने इस दुखद घड़ी में अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि वे कतर के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में बने हुए हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अस्पतालों में भर्ती सभी घायल भारतीयों की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें बेहतर इलाज दिया जा रहा है। इसके साथ ही दूतावास मृतकों के पार्थिव शरीरों को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर जल्द से जल्द भारत भेजने की व्यवस्था करने में जुटा है।

विदेशी सरजमीं पर रोजी-रोटी कमाने गए हमारे देश के नागरिकों के साथ हुआ यह हादसा बेहद दर्दनाक है। अब सबसे बड़ी प्राथमिकता घायल लोगों को बेहतर इलाज मुहैया कराना और मृतकों के शवों को उनके वतन वापस लाकर उनके परिजनों को सौंपना है। उम्मीद है कि कतर सरकार इस तकनीकी चूक की गहराई से जांच करेगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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