आखिरी Bada Mangal: साल के अंतिम बड़े मंगलवार पर बन रहा है रवि योग का शुभ संयोग, जानें पूजा मुहूर्त और विधि

Bada Mangal

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Akhiri Bada Mangal: ज्येष्ठ के महीने में मंगलवार के दिन का एक अलग ही महत्व होता है, खासकर उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के इलाकों में इसे बड़े मंगल के रूप में बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। आज यानी 23 जून 2026 को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है और आज साल का आठवां तथा आखिरी बड़ा मंगल मनाया जा रहा है। इस साल अधिक मास होने की वजह से ज्येष्ठ का महीना थोड़ा लंबा था, जिससे भक्तों को बजरंगबली की आराधना करने के लिए पूरे आठ मंगलवार का विशेष अवसर मिला। माना जाता है कि इसी महीने में भगवान श्री राम और हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी, इसलिए इस दिन की महिमा और बढ़ जाती है।

आखिरी Bada Mangal: पूजा के लिए सबसे उत्तम समय

अगर आप आज आखिरी Bada Mangal पर हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना करने की सोच रहे हैं, तो दिन में कई शुभ समय मिल रहे हैं। दोपहर के समय अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा, जिसे साधना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। वहीं, जो लोग शाम के समय आरती और सेवा करना चाहते हैं, उनके लिए संध्या काल का मुहूर्त शाम 07 बजकर 22 मिनट से रात 08 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।

ग्रहों का खास नक्षत्र

आज के दिन की विशेषता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि इस आखिरी बड़े मंगल पर रवि योग का निर्माण हो रहा है। यह योग सुबह 11 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही हस्त नक्षत्र और वारीयान योग का मेल भी बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रवि योग में की गई पूजा से जीवन के सभी नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं और कार्यों में सफलता मिलती है।

घर पर कैसे करें उपासना

बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए आज सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े, खासकर लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनें। हनुमान जी की प्रतिमा के सामने गाय के घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। उन्हें सिंदूर और चमेली का तेल मिलाकर चोला चढ़ाएं। इसके बाद शांति से बैठकर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें। भोग में उन्हें बूंदी के लड्डू, कसार या रोट अर्पित करें और याद से उसमें तुलसी का पत्ता जरूर रखें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

हनुमान जी की पूजा के कुछ खास नियम हैं जिनका पालन करना जरूरी है। यदि आप आज व्रत रख रहे हैं, तो पूरे दिन नमक का सेवन करने से बचें। इसके अलावा, बजरंगबली की पूजा में कभी भी चरणामृत का उपयोग नहीं किया जाता है। इस दिन सड़कों पर राहगीरों को ठंडा पानी या शरबत पिलाना और भूखों को भोजन कराना सबसे उत्तम माना जाता है।

यह साल का अंतिम बड़ा मंगलवार हमारे लिए भक्ति और सेवा का एक बड़ा अवसर है। नियमों का पालन करते हुए सच्चे मन से की गई प्रार्थना निश्चित रूप से मानसिक शांति और बल देती है।

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