Guru Purnima के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक खास संदेश साझा करते हुए उन्होंने बताया कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि शिष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और अच्छे संस्कारों का सिंचन भी करते हैं।
गुरु के छह स्वरूपों का वर्णन
अपने विचार रखते हुए पीएम मोदी ने गुरु पूर्णिमा संदेश के साथ एक विशेष श्लोक भी साझा किया। इस श्लोक का भावार्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जो प्रेरणा दे, सही राह दिखाए, ज्ञान का उपदेश करे, उचित मार्ग पर चलाए, शिक्षा दे और सत्य का बोध कराए—ये गुरु के छह मुख्य स्वरूप माने गए हैं। यह संदेश स्पष्ट करता है कि गुरु का जीवन में महत्व कितना गहरा और दूरगामी होता है।
गुरु पूर्णिमा की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। गुरु ज्ञान के साथ ही अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उन्हें सुविचार और सुसंस्कारों से सुशिक्षित करते हैं। आइए, उनके आदर्शों को अपने जीवन का संबल बनाएं।
प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा।
शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते… pic.twitter.com/DejWzLPnda
— Narendra Modi (@narendramodi) July 29, 2026
संस्कृति और मूल्यों से जुड़ने की पहल
प्रधानमंत्री अक्सर ऐसे मौकों पर गुरु पूर्णिमा पर संस्कृत श्लोक या सुभाषित साझा कर लोगों को भारतीय मूल्यों की याद दिलाते रहते हैं। इससे पहले उन्होंने प्रकृति संरक्षण और उत्तम चरित्र की महत्ता पर भी श्लोक शेयर किए थे। उनका यह प्रयास हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों और नैतिक मूल्यों से जोड़े रखने में मदद करता है।
गुरु के आदर्शों को अपनाने की सीख
पीएम मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे अपने गुरुओं के बताए मार्ग और आदर्शों को जीवन का संबल बनाएं। ज्ञान और शिक्षकों की महान परंपरा को समर्पित यह संदेश हमें अपने जीवन के मार्गदर्शकों के प्रति हमेशा आदर और कृतज्ञता व्यक्त करने की सीख देता है।
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