Kashi Vishwanath Mandir: सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही धर्मनगरी काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ने लगा है। इस बार सावन और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार लगभग 1 करोड़ श्रद्धालु बाबा के दरबार में हाजिरी लगाएंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा के अनुसार, श्रद्धालुओं के दर्शन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के दौरान लंबी लाइनों को व्यवस्थित करने के लिए जिग-जैग कतारें बनाई गई हैं। इसके अलावा तेज धूप और बारिश से बचाव के लिए छायादार शेड और जगह-जगह पीने के पानी व ग्लूकोज की व्यवस्था की गई है।
भीड़ नियंत्रण और दर्शन के नए नियम
अत्यधिक भीड़ को देखते हुए फिलहाल सभी प्रकार के स्पेशल प्रोटोकॉल दर्शन और काशी द्वार को बंद रखा गया है। जब स्थिति सामान्य होगी, तभी काशी द्वार को खोला जाएगा। सावन में काशी दर्शन नियम के तहत धाम परिसर में पॉलीथिन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे कांवड़ का जल प्लास्टिक की बोतलों में न लाएं।
जो भक्त किसी कारणवश मंदिर नहीं पहुंच पा रहे हैं, वे काशी विश्वनाथ धाम लाइव दर्शन की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। मंदिर के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था रहेगी।
गंगा घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गुरु पूर्णिमा और सावन के अवसर पर गंगा घाटों पर भी भारी भीड़ देखने को मिल रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें लगातार घाटों पर मुस्तैद हैं, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से स्नान और पूजा-अर्चना कर सकें।
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