13 जुलाई से शुरू होगी Lucknow-Kanpur expressway पर आवाजाही, 45 से 50 मिनट में लखनऊ से कानपुर पहुंचा जा सकेगा

Lucknow-Kanpur expressway, एक्सप्रेसवे

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Lucknow-Kanpur expressway: अगर आप भी Lucknow और Kanpur के बीच अक्सर सफर करते हैं और रास्ते के भारी जाम से परेशान रहते हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनवरी 2022 में जिस Lucknow-Kanpur expressway (NE-6) की आधारशिला रखी थी, वह अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। सोमवार, 13 जुलाई को इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने जा रहा है। इस मौके पर नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। आम जनता के लिए यह एक्सप्रेसवे 14 जुलाई की सुबह 8 बजे से खोल दिया जाएगा।

Lucknow-Kanpur expressway: जाम और लाल बत्ती से मिलेगी हमेशा के लिए मुक्ति

इस नए एक्सप्रेसवे के चालू हो जाने से लखनऊ और कानपुर की दूरी बेहद सिमट जाएगी। अब तक दोनों शहरों के बीच यात्रा करने में दो से ढाई घंटे का समय लग जाता था, लेकिन अब यह सफर मात्र 45 से 50 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। सबसे अच्छी बात यह है कि एक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाते समय आपको न तो कहीं जाम मिलेगा और न ही किसी चौराहे या लाल बत्ती पर रुकना पड़ेगा।

पूरे 63 किलोमीटर के रास्ते में कोई स्पीड ब्रेकर या बैरियर नहीं है, जिससे आपका सफर बिना किसी झटके के आराम से पूरा होगा। टोल टैक्स की वसूली भी केवल एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर ही की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए रास्ते में अच्छे रेस्तरां और बच्चों के लिए किड्स जोन भी बनाए जा रहे हैं।

हरियाली और आधुनिक सुविधाओं का अनोखा संगम

लगभग 4700 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह छह लेन का एक्सप्रेसवे पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस है। पर्यावरण का ख्याल रखते हुए वन विभाग की मदद से इसके दोनों तरफ 46 हजार पेड़ लगवाए गए हैं, जिससे सफर के दौरान आपको किसी खूबसूरत हिल स्टेशन जैसा अहसास होगा।

इस मार्ग पर गाड़ियाँ लगातार 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा होने में कुल 1648 दिन का समय लगा है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि आने वाले तीन दशकों तक यह हर रोज 50 से 60 हजार हल्के और भारी वाहनों का बोझ आसानी से संभाल सकेगा। भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसे आठ लेन तक चौड़ा करने का विकल्प भी रखा गया है।

यह भी पढ़ें: Amit Shah का Ahmedabad को बड़ा तोहफा: शुरू हुआ ‘Mission 5 Million Trees’ और मिलीं नई इलेक्ट्रिक बसें

कई जिलों को जोड़ेगा आउटर रिंग रोड कनेक्टिविटी

इस एक्सप्रेसवे का फायदा सिर्फ लखनऊ और कानपुर के लोगों को ही नहीं, बल्कि आसपास के कई अन्य जिलों को भी मिलेगा। एनएचएआई ने इसे आउटर रिंग रोड से कनेक्ट किया है, जिससे अयोध्या, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, बनारस, प्रयागराज, ऊंचाहार और बाराबंकी जैसे शहर भी इससे सीधे जुड़ जाएंगे।

इस आउटर रिंग रोड के माध्यम से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर जाना भी आसान हो जाएगा, साथ ही उन्नाव और लालगंज के लोग भी इससे लाभान्वित होंगे। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए लखनऊ के 10 और उन्नाव के 33 गांवों की करीब 481 हेक्टेयर जमीन ली गई थी, जिसके बदले किसानों को 590.87 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया है। एक्सप्रेसवे के किनारे जिन किसानों की जमीनें बची हैं, उनके दाम भी अब काफी बढ़ गए हैं।

Lucknow-Kanpur expressway का खुलना उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के लिहाज से एक बड़ा मील का पत्थर है। इससे न सिर्फ लोगों के समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि दो बड़े औद्योगिक और प्रशासनिक शहरों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। सुरक्षित और सुगम सफर की चाह रखने वाले लोगों के लिए यह नया मार्ग आने वाले समय में बेहद मददगार साबित होने वाला है।

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