UP Milk Adulteration Crackdown: सुबह-सुबह चाय की चुस्की हो या बच्चों के स्वास्थ्य की बात, दूध हमारे जीवन का एक बेहद जरूरी हिस्सा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस दूध और पनीर को आप सेहतमंद मानकर खा रहे हैं, उसमें कितनी खतरनाक मिलावट हो सकती है? इसी मिलावटखोरों के धंधे को पूरी तरह ठप करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बहुत बड़ा अभियान शुरू किया है। इस समय पूरे प्रदेश में UP Milk Adulteration Crackdown को लेकर हड़कंप मचा हुआ है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) के आयुक्त के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मिलावटी दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स के खिलाफ एक विशेष अंतर-जनपदीय छापामार अभियान चलाया गया। इस UP Milk Adulteration Crackdown के तहत कुल 27 स्पेशल टीमों ने राज्य की 42 बड़ी दूध निर्माण इकाइयों, मिल्क चिलिंग सेंटरों और गोदामों पर अचानक छापा मारा। इस बड़ी कार्रवाई से मिलावट करने वाले माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
116 सैंपल जांच के लिए भेजे गए
इस बड़े एक्शन के दौरान टीमों ने स्वच्छता व्यवस्था, कच्चे माल की क्वालिटी और पैकेजिंग के नियमों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान कुल 116 खाद्य पदार्थों के सैंपल (नमूने) लिए गए हैं, जिन्हें टेस्टिंग के लिए सरकारी लेबोरेटरी में भेज दिया गया है। इतना ही नहीं, इस UP Milk Adulteration Crackdown के दौरान अधिकारियों ने लगभग 28.50 लाख रुपये की कीमत का 34 क्विंटल मिलावटी खाना जब्त किया है। साथ ही, 9 क्विंटल से ज्यादा खराब और इंसानी सेहत के लिए खतरनाक हो चुके प्रोडक्ट्स को मौके पर ही पूरी तरह नष्ट (विनष्ट) कर दिया गया, जिसकी कीमत करीब 8.50 लाख रुपये थी।
चार जिलों में दर्ज हुई एफआईआर
इस अभियान में गंभीर लापरवाही और सेहत से खिलवाड़ पाए जाने पर मथुरा, अमरोहा, अलीगढ़ और बदायूं में कुल 4 एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई हैं। अमरोहा की उमंग डेयरी लिमिटेड से भारी मात्रा में व्हे पाउडर और स्क्रैप पाउडर जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 25.49 लाख रुपये है। यहाँ वेजिटेबल फैट मिलाकर बटर बनाया जा रहा था। वहीं, अलीगढ़ में बरकत अली की पनीर निर्माणशाला से 400 किलो नकली पनीर नष्ट किया गया, जो प्रतिबंधित अपमिश्रकों (मिलावटी रसायनों) की मदद से बन रहा था। बदायूं की कादरी डेयरी में रिफाइंड पामोलीन ऑयल और चीनी मिलाकर नकली दूध व घी तैयार किया जा रहा था। मथुरा की अनीता डेयरी पर तो पहले से सील लगे होने के बावजूद बिना लाइसेंस काम चल रहा था, जिस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है।
छोटे दुकानदारों को परेशान न करने के निर्देश
इस पूरे मामले पर अधिकारियों का कहना है कि आम जनता को पूरी तरह सुरक्षित और शुद्ध खान-पान की चीजें उपलब्ध कराना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है। हालांकि, विभाग ने अपने अधिकारियों को यह सख्त हिदायत भी दी है कि इस UP Milk Adulteration Crackdown के नाम पर किसी भी छोटे खुदरा व्यापारी, दुकानदार या फेरीवाले (हाकर्स) को बेवजह परेशान या प्रताड़ित न किया जाए। यह सख्त कार्रवाई सिर्फ और सिर्फ बड़े पैमाने पर संगठित रूप से मिलावट का धंधा करने वाले बड़े चेहरों के खिलाफ है, और आने वाले दिनों में भी यह अभियान इसी तरह जारी रहेगा।
मिलावट का यह काला कारोबार हमारे और हमारे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक धीमा जहर है। सरकार का यह UP Milk Adulteration Crackdown वाकई एक स्वागत योग्य कदम है, जिससे इन मिलावटखोरों पर लगाम लगेगी। एक जागरूक नागरिक होने के नाते हमारा भी फर्ज है कि हम हमेशा भरोसेमंद जगहों से ही दूध-पनीर खरीदें और अगर कहीं भी मिलावट का शक हो, तो इसकी शिकायत तुरंत संबंधित अधिकारियों से करें। सतर्क रहें, स्वस्थ रहें!







