Indian Railways में सुरक्षा सुधार: भारतीय रेल में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि पिछले 10 सालों में देश में रेल हादसों में भारी गिरावट आई है। यह बदलाव अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे आधुनिक तकनीक और सुरक्षा बजट में बढ़ोतरी का बड़ा हाथ है।
दुर्घटनाओं के आंकड़ों में बड़ी गिरावट
लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, साल 2014-15 में जहां 135 रेल हादसे दर्ज किए गए थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या घटकर केवल 16 रह गई है। ट्रेन दुर्घटनाओं में कमी का यह आंकड़ा लगभग 90 प्रतिशत बनता है। प्रति मिलियन ट्रेन-किलोमीटर पर होने वाले हादसों का इंडेक्स भी 0.11 से गिरकर 0.01 पर आ गया है।
सुरक्षा बजट और आधुनिक तकनीक
इस पूरे बदलाव की मुख्य वजह सुरक्षा पर खर्च को बढ़ाना है। 2013-14 में जहां सुरक्षा कार्यों पर 39,200 करोड़ रुपये खर्च होते थे, वहीं अब यह राशि बढ़ाकर 1,20,389 करोड़ रुपये कर दी गई है। हजारों स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम, लेवल क्रॉसिंग की इंटरलॉकिंग और चालकों के लिए फॉग डिवाइस जैसे कदम उठाए गए हैं।
रेलवे की सुरक्षा में रेलवे कवच प्रणाली एक बेहद अहम भूमिका निभा रही है। यह स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम गति को नियंत्रित रखता है और आपात स्थिति में अपने आप ब्रेक लगा देता है। इन सभी आधुनिक प्रयासों की वजह से भारतीय रेलवे में सुरक्षा सुधार लगातार मजबूत हो रहा है।







