Uttar Pradesh में 932 नए अफसरों की तैनाती, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद बांटे जॉइनिंग लेटर

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Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी नौकरियों में शुचिता और ईमानदारी को लेकर एक बार फिर सरकार का कड़ा रुख साफ किया है। सोमवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 21 अलग-अलग सरकारी विभागों में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा चयनित 932 मेधावी अभ्यर्थियों को आधिकारिक नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) वितरित किए।

इस अवसर पर नवचयनित अधिकारियों और युवाओं को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की पुरानी छवि को पूरी तरह पीछे छोड़ चुका है और देश की अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत ‘ग्रोथ इंजन’ बनकर उभर रहा है।

‘सिफारिश से आने वाले व्यवस्था को करते हैं कमजोर’

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की व्यवस्था और वर्तमान पारदर्शी प्रणाली की तुलना करते हुए भ्रष्टाचार पर सीधा प्रहार किया।

  • व्यवस्था में सुधार: उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में नौकरियों के लिए सिफारिशें चलती थीं और पैसे के दम पर नियुक्तियां होती थीं। ऐसे लोग व्यवस्था को मजबूत बनाने के बजाय उसे अंदर से खोखला और कमजोर करते थे।

  • सीएम की दोटूक: सीएम योगी ने कड़े लहजे में कहा, “सिफारिश से या पैसा लेकर चयनित व्यक्ति कभी प्रगति नहीं कर सकता, वह व्यवस्था की दुर्गति जरूर कराता है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में यही होता था, लेकिन आज की सरकार में यह पूरी तरह अतीत की बात हो चुकी है।”

9 वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

पारदर्शिता के आंकड़ों को सामने रखते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में Uttar Pradesh सरकार ने बिना किसी भेदभाव, पक्षपात या हेरफेर के 9 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली की भी खुलकर सराहना की और कहा कि यदि चयन प्रक्रिया पवित्र और साफ-सुथरी न हो, तो चयनित व्यक्ति से कभी भी ईमानदारी और जनहित की भावना से कार्य करने की उम्मीद नहीं की जा सकती।

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पहचान के संकट से बाहर निकला Uttar Pradesh का युवा

Uttar Pradesh के प्राकृतिक और मानवीय संसाधनों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश उपजाऊ भूमि, प्रचुर जल संपदा और असीमित युवाशक्ति से भरपूर है। इसके बावजूद एक समय ऐसा था जब राज्य नीतिगत अपंगता के कारण पहचान के संकट से जूझ रहा था। Uttar Pradesh का युवा जब नौकरी या शिक्षा के लिए बाहर जाता था, तो उसे अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी। लेकिन आज नीतियों में सुधार और सुशासन के कारण Uttar Pradesh देश के अग्रणी और सबसे प्रतिष्ठित राज्यों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा है।

नवचयनित अधिकारियों को सीएम योगी का मंत्र: ‘शुरुआती 10 साल तय करेंगे भविष्य’

मुख्यमंत्री ने मंच से सभी 932 नवचयनित अभ्यर्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उन्हें पूरी सेवाकाल के लिए एक विशेष प्रशासनिक मंत्र भी दिया:

  • नौकरी के शुरुआती 10 वर्ष: युवाओं को सलाह देते हुए सीएम ने कहा कि सरकारी सेवा के शुरुआती 10 वर्षों में आप जितनी अधिक मेहनत, लगन और ईमानदारी से काम करेंगे, वही आपके पूरे सेवाकाल की सबसे मजबूत और अटूट नींव बनेगी।

  • पारदर्शिता का संकल्प: उन्होंने आह्वान किया कि जिस निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आज आप सभी का चयन हुआ है, ठीक उसी शुचिता और जनता के प्रति सेवाभाव के साथ आपको अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। शासन की एकमात्र अपेक्षा यही है कि हर अधिकारी समयबद्ध और जनहितकारी नीतियों के साथ कार्य करे।

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