- 22 पदों के लिए 116 प्रत्याशी मैदान में
- करीब 3800 मतदाता करेंगे वोटिंग; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Lucknow में बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक हो गए हैं। Supreme Court of India और Allahabad High Court के आदेशों के अनुपालन में पहली बार चुनाव प्रक्रिया में महिला आरक्षण लागू किया गया है। इस पहल को न्यायिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। लखनऊ बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए 23 अप्रैल को मतदान हो रहा है। इस बार कार्यकारिणी के कुल 22 पदों के लिए 116 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला काफी रोचक हो गया है। चुनाव में करीब 3800 मतदाता सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चुनाव की सबसे खास बात महिलाओं के लिए आरक्षण है। कोषाध्यक्ष के एक पद सहित कुल सात पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। कोषाध्यक्ष पद के लिए चार महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि वरिष्ठ और कनिष्ठ कार्यकारिणी के छह पदों में तीन-तीन सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित रखी गई हैं। इससे महिला वकीलों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बार एसोसिएशन ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस और पीएसी की तैनाती की मांग की है। एल्डर कमेटी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी प्रत्याशी या उसका समर्थक मतदान स्थल पर आग्नेयास्त्र लेकर प्रवेश नहीं करेगा।
अध्यक्ष पद के लिए पूर्व अध्यक्ष जीएन शुक्ला उर्फ चच्चू, परशुराम मिश्रा, राजेंद्र कुमार शर्मा, रवींद्रनाथ पांडे और सुरेश पांडेय के बीच मुकाबला है। वहीं महामंत्री पद के लिए आदर्श कुमार मिश्रा, पूर्व महामंत्री जितेंद्र सिंह यादव उर्फ जीतू, कामिनी ओझा, कुलदीप वर्मा और मारुत कुमार शर्मा चुनावी मैदान में हैं। इस बार के चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में खासा उत्साह है। महिला आरक्षण लागू होने से जहां नई ऊर्जा का संचार हुआ है, वहीं यह कदम भविष्य में न्यायिक संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।







