West Bengal Assembly Elections 2026 के बीच नादिया के कृष्णानगर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर बंगाल की जनता का दिल जीत लिया। अपने चिर-परिचित अंदाज में चुटकी लेते हुए उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष किया और कहा, “झालमुड़ी मैंने खाई, और मिर्ची विपक्ष वालों को लगी।” पीएम मोदी का यह संबोधन न केवल उत्साह से भरा था, बल्कि इसमें बंगाल के भविष्य के लिए एक ठोस रोडमैप भी नजर आया।
50 साल में सबसे शांतिपूर्ण चुनाव: पीएम ने सराहा
प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल की धरती पर आए सकारात्मक बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों में यह अपनी तरह का पहला चुनाव है, जहाँ हिंसा न्यूनतम स्तर पर है। उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की खुले दिल से सराहना की। पीएम ने कहा कि जिस बंगाल में कभी अराजकता और गुंडागर्दी का बोलबाला था, वहाँ आज लोकतंत्र की गरिमा बहाल हो रही है। मतदाताओं का रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी के साथ घर से बाहर निकलना इस बात का प्रमाण है कि बंगाल अब निडर होकर अपने भविष्य का फैसला कर रहा है।
हर वर्ग दे रहा है ‘सुनहरे बंगाल’ के लिए वोट
पीएम मोदी ने अपने भाषण में समाज के हर तबके के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि चाहे वो सरकारी कर्मचारी हों, डॉक्टर हों या वकील, सभी अब भयमुक्त होकर एक बेहतर व्यवस्था के लिए मतदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि बंगाल के शिक्षक अब डरे बिना शिक्षा दे पाएंगे और टैक्सी-रिक्शा चलाने वाले भाई सिंडिकेट राज से मुक्त होकर अपना काम कर सकेंगे। पुलिस बल को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक विजन रखा कि अब वे गुंडों के बजाय जनता की सेवा के लिए समर्पित होंगे।
महिलाओं के लिए ‘मोदी की 10 गारंटी’
इस रैली का सबसे बड़ा आकर्षण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किया गया ’10 गारंटियों’ का ऐलान रहा। पीएम ने बंगाल की माताओं और बेटियों के जीवन को आसान बनाने के लिए निम्नलिखित संकल्प दोहराए:
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कड़ी सुरक्षा: महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को कानून के जरिए सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
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महिला थाना: हर ब्लॉक में विशेष महिला थानों की स्थापना की जाएगी।
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भर्ती में प्राथमिकता: पुलिस बल में महिलाओं की बड़े पैमाने पर भर्ती कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
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आर्थिक मदद: महिलाओं के खातों में सालाना ₹36,000 सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे।
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शिक्षा सहायता: लड़कियों को ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए ₹50,000 की विशेष मदद मिलेगी।
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मातृत्व वंदना: गर्भवती माताओं को ₹21,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
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शिशु पोषण: बच्चों के बेहतर खान-पान के लिए अतिरिक्त ₹36,000 का प्रावधान होगा।
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सुरक्षित भविष्य: सुकन्या समृद्धि योजना के जरिए बेटियों का भविष्य संवारा जाएगा।
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स्टार्टअप लोन: मुद्रा योजना के तहत स्टार्टअप्स के लिए ₹20 लाख तक के ऋण की सुविधा।
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लखपति दीदी: लाखों महिलाओं को स्वरोजगार देकर ‘लखपति दीदी’ बनाने का मिशन।
बंगाल के सर्वांगीण विकास का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन केवल एक चुनावी भाषण नहीं, बल्कि बंगाल को उसकी पुरानी सांस्कृतिक और आर्थिक गरिमा वापस दिलाने का एक पवित्र संकल्प है। मोदी की ये 10 गारंटियां राज्य की आधी आबादी को सीधे तौर पर सशक्त करने की दिशा में सबसे बड़ा कदम मानी जा रही हैं। जिस तरह से पीएम ने भ्रष्टाचार और सिंडिकेट के खात्मे की बात की है, उससे बंगाल के युवाओं, किसानों और मध्यम वर्ग में एक नई उम्मीद जगी है। प्रधानमंत्री का मानना है कि जब बंगाल की महिलाएं सुरक्षित और आत्मनिर्भर होंगी, तभी ‘सोनार बांग्ला’ का सपना सच होगा। केंद्र और राज्य के बीच विकास का जो डबल इंजन मॉडल पीएम मोदी ने पेश किया है, वह भविष्य में बंगाल को निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की क्षमता रखता है। नादिया की यह ऐतिहासिक जनसभा यह साफ संदेश देती है कि बंगाल अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ने और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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