UP Free Scooty Yojana: उत्तर प्रदेश में कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए एक बहुत अच्छी खबर आ रही है। योगी सरकार ने पिछले चुनाव के दौरान जो वादा किया था, उसे पूरा करने की तैयारी अब आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। राज्य के डिग्री कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वाली होनहार छात्राओं को बहुत जल्द मुफ्त में स्कूटी मिलने वाली है। सरकार ने इसके लिए बजट भी तय कर दिया है और कॉलेजों से छात्राओं का ब्योरा मांगना शुरू कर दिया है। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ किन छात्राओं को मिलेगा और इसके लिए क्या नियम तय किए गए हैं।
Rani Lakshmi bai scooty yojana के नियम और पात्रता
सरकार ने इस पहल को ‘Rani Lakshmi bai scooty yojana’ का नाम दिया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई कर रही छात्राओं को शामिल किया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना है ताकि वे बिना किसी साधन की कमी के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी शर्तें रखी हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि छात्रा के परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इसके साथ ही, यह लाभ केवल उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जो पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।

छात्राओं को मुफ्त स्कूटी के लिए अंकों का आधार
उच्च शिक्षा विभाग ने इस योजना को पारदर्शी बनाने के लिए मेरिट को आधार बनाया है। शिक्षा मंत्री के अनुसार, कॉलेजों से स्नातक (Graduation) प्रथम वर्ष की उन छात्राओं का डेटा मांगा गया है जिन्होंने 80, 85 या 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। शुरुआत में इन्हीं अंकों के आधार पर छात्राओं की एक सूची तैयार की जाएगी।
पहले चरण में लगभग 45 हजार मेधावी छात्राओं को इस योजना के तहत चुना जा सकता है। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल छात्राओं का हौसला बढ़ेगा, बल्कि उन बेटियों को भी कॉलेज आने-जाने में मदद मिलेगी जो सिर्फ साधन न होने की वजह से घर पर बैठ जाती थीं। आपको बता दें कि सरकार छात्राओं को पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी देगी। जैसे ही शासन से अंतिम मंजूरी मिलेगी, आवेदन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
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कॉलेजों में यूनिफॉर्म को लेकर भी चल रही तैयारी
स्कूटी योजना के साथ-साथ राज्य के कॉलेजों में अनुशासन बनाए रखने के लिए यूनिफॉर्म को लेकर भी चर्चा तेज है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, यूपी के करीब 75 फीसदी कॉलेजों में पहले से ही यूनिफॉर्म का पालन किया जा रहा है। सरकार जल्द ही बाकी बचे कॉलेजों के लिए भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर सकती है ताकि सभी जगह एक जैसा अनुशासन बना रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार की यह मुहिम राज्य की लाखों बेटियों के सपनों को नए पंख देने वाली है। ₹400 करोड़ के बजट के साथ शुरू हो रही इस योजना से छात्राओं को कॉलेज आने-जाने की सुविधा तो मिलेगी ही, साथ ही समाज में उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होगा। अगर आप या आपके परिवार में भी कोई छात्रा इन नियमों के तहत पात्र है, तो ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होते ही इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

