Neet UG Re-Exam telegram ban news: भारत की सबसे बड़ी चिकित्सक प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर चल रहा विवाद अब केवल परीक्षा केन्द्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह देश के डिजिटल संप्रभुता और अभिव्यक्ति की आज़ादी के बड़े कानूनी दंगल में तबदील हो चुका है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने देश भर में लोकप्रिय मेसेजिंग प्लेटफार्म टेलीग्राम (TELEGRAM) पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले ने न केवल 15 करोड़ से अधिक सामान्य उपयोगकर्ताओं को झटके में दाल दिया है, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के विनियमन और सुरक्षा नीतियों पर भी एक नईं बहस छेड़ दी है।
16 जून 2026: जब सरकार ने उठाया बड़ा कदम
इस पूरे घटनाक्रम में 16 जून 2026 (मंगलवार) का दिन बेहद नाटकीय रहा। इसी दिन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69A के तहत एक कड़ा और अभूतपूर्व आदेश जारी किया।
इस आदेश के तहत:
अस्थायी प्रतिबंध: Telegram की सेवाओं को पूरे भारत में 22 जून 2026 तक के लिए अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया।
एप स्टोर्स से हटाया गया: सरकार के निर्देश के बाद गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) और एप्पल के एप स्टोर (Apple App Store) से टेलीग्राम को हटा दिया गया।
मैसेज एडिटिंग पर रोक: इसके अलावा, टेलीग्राम को आदेश दिया गया कि वह 30 जून 2026 तक भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए ‘मैसेज एडिट’ करने की सुविधा को पूरी तरह से बंद रखे।

NTA और सरकार का पक्ष
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने 16 जून को एक वीडियो संदेश जारी कर इस फैसले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की मॉनिटरिंग में पाया गया कि टेलीग्राम पर “PAPER LEAKED DETT”, “Re-NEET 2026” और “Private Mafia” जैसे नामों से कई फर्जी चैनल और बोट्स सक्रिय थे। ये संगठित गिरोह छात्रों और अभिभावकों से फर्जी पेपर के बदले लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे और पैनिक (डर का माहौल) पैदा कर रहे थे।
17 जून 2026:
आज की बड़ी हलचल, दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा टेलीग्राम कल के प्रतिबंधात्मक आदेश के बाद आज, 17 जून 2026 (बुधवार) को टेलीग्राम कंपनी ने इस फैसले के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है।
1. दिल्ली हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई: टेलीग्राम ने केंद्र सरकार के इस अस्थायी प्रतिबंध को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कंपनी ने सरकार के इस फैसले की न्यायिक समीक्षा की मांग करते हुए याचिका दाखिल की और तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया। इस मामले को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के समक्ष उल्लेखित (Mention) किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पर आज ही प्रारंभिक सुनवाई करने की सहमति दी है।
2. Telegram के सीईओ पावेल डुरोव का कड़ा विरोधआज ही टेलीग्राम के संस्थापक और सीईओ पावेल डुरोव (Pavel Durov) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और अपने निजी टेलीग्राम चैनल पर सरकार के इस कदम की तीखी आलोचना की। डुरोव ने कहा:”कुछ अपराधियों या धोखेबाजों की वजह से पूरे प्लेटफॉर्म को बंद करना एक बड़ी भूल है।
इससे भारत के 15 करोड़ से अधिक निर्दोष और सामान्य टेलीग्राम उपयोगकर्ताओं को सजा मिल रही है, जबकि पेपर लीक करने वाले तत्व अब अन्य प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हो जाएंगे।”डुरोव ने यह भी दावा किया कि टेलीग्राम ने पिछले कुछ हफ्तों में भारत में लीक सामग्री और घोटाले से जुड़े सैकड़ों चैनलों को पहले ही हटा दिया था। इसके अलावा, बैकडेटिंग घोटालों (पुराने संदेशों को एडिट करके नया दावा करना) को रोकने के लिए “Edited” लेबल को और अधिक स्पष्ट किया जा रहा था।
3. आखिर क्यों रद्द हुई थी मुख्य परीक्षा और क्यों आई री-एग्जाम की नौबत? इस पूरे विवाद की जड़ें इस साल की शुरुआत में हुई मुख्य परीक्षा से जुड़ी हैं। पूरी कहानी को सिलसिलेवार ढंग से समझना जरूरी है। 3 मई 2026, देश भर में लाखों छात्रों के लिए NEET-UG 2026 की मुख्य परीक्षा आयोजित की गई थी।
अनियमितताओं के आरोप: परीक्षा के तुरंत बाद बिहार, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों से पेपर लीक, साठगांठ और संगठित नकल के गंभीर आरोप सामने आए। कई राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियों ने इस संबंध में गिरफ्तारियां भी कीं।
12 मई 2026 चौतरफा दबाव और गड़बड़ियों के पुख्ता सबूत मिलने के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को हुई परीक्षा को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया। एनटीए ने पीड़ित और प्रभावित छात्रों के भविष्य को देखते हुए 21 जून 2026 को देश भर में दोबारा (Re-Exam) परीक्षा आयोजित कराने का फैसला किया।

‘मैसेज एडिटिंग’ फीचर और IIT मद्रास के निदेशक का खुलासा: इस पूरे प्रतिबंध में ‘मैसेज एडिटिंग’ को बंद करने का आदेश सबसे अनोखा है। दरअसल, धोखेबाज, टेलीग्राम के इस फीचर का गलत इस्तेमाल कर रहे थे।
NTA द्वारा जारी एक वीडियो में IIT मद्रास के निदेशक वी. कामाकोटी ने लाइव डेमो देकर समझाया कि कैसे स्कैमर्स टेलीग्राम पर धोखाधड़ी करते हैं। ये गिरोह परीक्षा से कई दिन पहले एक सामान्य फाइल या मैसेज पोस्ट कर देते हैं।
परीक्षा संपन्न होने के बाद, जब असली प्रश्नपत्र बाहर आता है, तो ये लोग पुराने मैसेज को ‘Edit’ करके उसमें असली प्रश्नपत्र की PDF डाल देते हैं। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने परीक्षा से पहले ही पेपर लीक कर दिया था। इस ‘बैकडेटिंग स्कैम’ के जरिए वे भविष्य की परीक्षाओं के लिए छात्रों से लाखों रुपये की एडवांस बुकिंग और ठगी करते हैं।
अब सबकी नजरें दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। क्या कोर्ट टेलीग्राम को राहत देगा या 22 जून तक यह डिजिटल पाबंदी लागू रहेगी, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।
यह भी पढ़ें: UGC NET Admit Card: यूजीसी नेट का प्रवेश पत्र जारी, तुरंत इस लिंक से करें डाउनलोड

