Vitamin D Deficiency: सुस्ती से लेकर मांसपेशियों की कमजोरी तक, जानें इसके शुरुआती संकेत

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Vitamin D Deficiency: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में थोड़ा बहुत थक जाना हम सबको नॉर्मल लगता है। कभी हमें लगता है कि काम ज्यादा था, तो कभी लगता है कि शायद नींद पूरी नहीं हुई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसे आप मामूली थकान समझकर इग्नोर कर रहे हैं, वो असल में आपके शरीर में विटामिन D की कमी का इशारा हो सकता है? विटामिन D हमारे शरीर के लिए उतना ही जरूरी है जितना कि सांस लेना, क्योंकि यह सिर्फ हड्डियों को ही नहीं, बल्कि हमारे मूड और इम्यूनिटी को भी कंट्रोल करता है। आइए जानते हैं कि आपका शरीर आपको क्या संकेत देने की कोशिश कर रहा है।

थकान जो पीछा ही नहीं छोड़ती

अगर आप रात को 7-8 घंटे की गहरी नींद लेते हैं, फिर भी सुबह उठते ही आपको ऐसा लगता है कि शरीर में जान ही नहीं है, तो सावधान हो जाइए। विटामिन D की कमी का सबसे बड़ा और पहला लक्षण है—लगातार सुस्ती बने रहना। डॉ. आशीष चौधरी के अनुसार, लोग अक्सर इसे वर्क प्रेशर मान लेते हैं, लेकिन अगर यह थकान हफ्तों तक बनी रहे, तो समझ लीजिए कि आपके शरीर को ‘सनशाइन विटामिन’ की सख्त जरूरत है।

मांसपेशियों और हड्डियों में अजीब सा दर्द

क्या आपको कभी महसूस होता है कि बिना जिम गए या बिना भारी काम किए आपकी जांघों, कमर या पैरों में भारीपन लग रहा है? विटामिन D मांसपेशियों के सही कामकाज के लिए बहुत जरूरी है। इसकी कमी से न सिर्फ मांसपेशियां कमजोर होती हैं, बल्कि हड्डियों में भी हल्का-हल्का दर्द और अकड़न रहने लगती है। चूंकि विटामिन D ही कैल्शियम को सोखने में मदद करता है, इसलिए इसकी कमी सीधे आपकी हड्डियों को कमजोर बना देती है।

बाल झड़ना और बार-बार बीमार पड़ना

विटामिन D का सीधा संबंध आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी Immunity से भी है। अगर आपको जरा सा मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम हो जाता है या कोई छोटी सी चोट ठीक होने में बहुत समय ले रही है, तो इसका मतलब है कि आपका इम्यून सिस्टम ढीला पड़ गया है। इतना ही नहीं, अगर आपके बाल अचानक से ज्यादा झड़ने लगे हैं या आप बिना वजह चिड़चिड़ापन महसूस कर रहे हैं, तो यह भी शरीर में पोषक तत्वों की कमी का एक बड़ा साइन है।

किसे है सबसे ज्यादा खतरा?

आजकल हम ज्यादातर समय ऑफिस या घर की चारदीवारी के अंदर बिताते हैं। जो लोग धूप के संपर्क में कम आते हैं, उनमें विटामिन D की कमी का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को भी अपनी जांच समय-समय पर कराते रहनी चाहिए। अगर आप भी ऐसे किसी लक्षण से जूझ रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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