Varanasi Dalmandi Demolition: Dal mandi में bulldozer के बाद अब पोकलैंड मशीन का एक्शन, 12 और मकानों को जमींदोज करने का काम शुरू। DD News UP

Varanasi Dalmandi Demolition

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Varanasi Dalmandi Demolition: धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी (काशी) को आधुनिक रूप देने के लिए इन दिनों सड़कों के चौड़ीकरण का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसी कड़ी में, शहर के सबसे व्यस्त और घने व्यापारिक इलाके ‘दालमंडी’ में गुरुवार को प्रशासन की एक बहुत बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। दालमंडी गली को चौड़ा करने के लिए आज सुबह से ही 12 और चिह्नित मकानों को ढहाने (ध्वस्तीकरण) का काम शुरू कर दिया गया है।

इस संवेदनशील इलाके में किसी भी तरह के विरोध या हंगामे से निपटने के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए। मौके पर करीब 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, जबकि पूरे इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों के जरिए आसमान से की जा रही थी। अभी तक इस प्रोजेक्ट में सिर्फ बुलडोजर का इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन काम की रफ्तार को कई गुना बढ़ाने के लिए आज से भारी-भरकम पोकलैंड मशीनों को भी मैदान में उतार दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द मलबा हटाकर जमीन खाली की जाए ताकि सड़क निर्माण का वास्तविक काम शुरू हो सके।

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अब तक 132 मकानों पर चला हथौड़ा, करोड़ों का मुआवजा बंटा

पीडब्ल्यूडी (PWD) के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने मामले की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार को जिन 12 मकानों को तोड़ा जा रहा है, उनकी रजिस्ट्री की कानूनी प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। इन सभी मकान मालिकों को नियमानुसार मुआवजा राशि मिल चुकी है और उन्हें मुनादी (लाउडस्पीकर घोषणा) करवाकर समय रहते सामान हटाने की सूचना दे दी गई थी। सोमवार को हुई इस मुनादी में साफ कहा गया था कि 11 जून तक हर हाल में परिसरों को खाली कर दिया जाए।

अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत कुल 181 मकानों को चिह्नित किया गया है। इनमें से 120 मकानों पर पहले ही आंशिक या पूर्ण कार्रवाई हो चुकी थी। आज की कार्रवाई के बाद कुल 132 मकान इस जद में आ चुके हैं, जिनमें से 70 को पूरी तरह जमींदोज किया जा चुका है। अब सिर्फ 49 मकान बचे हैं, जिनकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होते ही उन पर भी जल्द बुलडोजर और पोकलैंड मशीनें चलेंगी। PWD अधिकारियों के मुताबिक, अब तक प्रभावित मकान मालिकों को लगभग 65 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा बांटा जा चुका है।

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पीएम मोदी ने रखी थी इस ड्रीम प्रोजेक्ट की नींव

दालमंडी गली को एक आधुनिक और मॉडल सड़क के रूप में तब्दील करने का यह विजन खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। उन्होंने अपने 51वें काशी दौरे के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी थी। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए कुल 215.88 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट जारी किया गया है। इसमें से करीब 191 करोड़ रुपये सिर्फ 186 भवन और दुकान स्वामियों को मुआवजे के रूप में दिए जाने हैं। इस प्रोजेक्ट के दायरे में 6 मस्जिदें भी आ रही हैं, जिन्हें लेकर भी डेटा तैयार किया गया है।

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कैसी होगी नई दालमंडी? 60 फुट चौड़ी सड़क और तारों से मुक्ति

वर्तमान में दालमंडी अपनी संकरी गलियों और लटकते हुए बिजली के तारों के जंजाल के लिए जानी जाती है, जिससे यहां हमेशा जाम और हादसे का डर बना रहता है। लेकिन इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद इस पूरे इलाके की सूरत बदल जाएगी:

  • सड़क की चौड़ाई: नई सड़क से लेकर चौक थाने तक की यह 650 मीटर लंबी दालमंडी गली अब 60 फुट (करीब 17.5 मीटर) चौड़ी हो जाएगी।

  • पटरी और डिवाइडर: मुख्य सड़क 30 फुट की होगी, जबकि पैदल चलने वालों के लिए दोनों तरफ 15-15 फुट चौड़ी पटरियां (फुटपाथ) बनाई जाएंगी।

  • अंडरग्राउंड सुविधाएं: सबसे खास बात यह है कि इस सड़क के नीचे बिजली के तार, सीवर लाइन और पानी के पाइप पूरी तरह से अंडरग्राउंड (जमीन के नीचे) होंगे। आसमान में दिखने वाले तारों के मकड़जाल को हमेशा के लिए साफ कर दिया जाएगा।

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