Noida International Airport (जेवर) से जुड़ी एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। आगामी 15 जून से इंडिगो की यात्री विमान सेवा शुरू होने के ठीक दो दिन बाद, यानी 17 जून को एयरपोर्ट के रनवे से पहला cargo (मालवाहक) विमान उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Chennai की अंतरराष्ट्रीय cargo airlines ‘एफकान होल्डिंग लिमिटेड’ का बोइंग 737-800 विमान पहले दिन कार्गो के साथ घरेलू उड़ान भरेगा। इसके बाद, 1 जुलाई से नोएडा एयरपोर्ट से कार्गो सेवाएं नियमित रूप से चालू हो जाएंगी। इस सेवा को शुरू करने के लिए एयरइंडिया सेट्स, एयरपोर्ट सर्विसेज प्रा. लि. और यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ है।

87 एकड़ में तैयार हुआ मल्टी मॉडल कार्गो हब
नोएडा एयरपोर्ट पर उत्तर भारत की आर्थिक गति को तेज करने के लिए 87 एकड़ में एक भव्य मल्टी मॉडल कार्गो हब (MMCH) विकसित किया जा रहा है। इसके पहले चरण में 30 एकड़ में घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और एक्सप्रेस कोरियर टर्मिनल तैयार किया गया है, जिस पर लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत आई है। पूरा प्रोजेक्ट तैयार होने पर इसकी कुल लागत 3200 करोड़ रुपये होगी। शुरुआती दौर में इसकी क्षमता 2,55,000 मीट्रिक टन सालाना होगी, जिसे भविष्य में 1.8 मिलियन मीट्रिक टन तक बढ़ाया जाएगा।
सामान की त्वरित और सुरक्षित जांच के लिए यहाँ बेहद आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें 9 ड्यूल व्यू एक्सरे मशीनें, 18 इलेक्ट्रिक फोर्क लिफ्ट और पैलेट स्टैकर शामिल हैं।
57 एकड़ में लॉजिस्टिक्स और कोल्ड चेन जोन
कृषि, दुग्ध उत्पाद, फल, सब्जी जैसे जल्दी खराब होने वाले सामानों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा और मशीनरी को सुरक्षित रखने के लिए 57 एकड़ में एक इंटीग्रेटेड वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स जोन बनाया जा रहा है। यहाँ विशेष कोल्ड चेन विकसित की गई है, ताकि उत्तर प्रदेश और आसपास के किसान अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक बिल्कुल ताजा स्थिति में पहुंचा सकें।
शुरुआत में यह cargo सेवा घरेलू स्तर पर काम करेगी, लेकिन जैसे ही नोएडा एयरपोर्ट से इंटरनेशनल यात्री उड़ानें शुरू होंगी, वैसे ही बैंकॉक, हनोई, दुबई और कोलंबो जैसे विदेशी शहरों के लिए भी कार्गो सेवा का विस्तार कर दिया जाएगा। यह हब आने वाले समय में उत्तर भारत के व्यापार और परिवहन का सबसे मजबूत नेटवर्क बनने जा रहा है।
