यूपी में बारिश : उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल हैं, तो कहीं अचानक हो रही तेज बारिश राहत के साथ-साथ आफत भी लेकर आ रही है। मंगलवार दोपहर को राजधानी लखनऊ में मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज धूप के बाद आसमान में काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही अंधेरा सा महसूस होने लगा। इसके तुरंत बाद हुई झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी, लेकिन प्रदेश के अन्य हिस्सों में नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और आम जनता की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
यूपी में बारिश और मानसून का हाल
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के केवल 11 शहरों में ही पानी बरसा है। इस अवधि में औसतन 9.7 मिमी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन हकीकत में सिर्फ 1.5 मिमी बारिश ही दर्ज की गई। 1 जून से 14 जुलाई तक के आंकड़ों को देखें तो राज्य में कुल 163.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 22% कम है। हालांकि, महराजगंज में सबसे ज्यादा 49.3 मिमी और सिद्धार्थनगर में 37.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा देवरिया और गोरखपुर जैसे पूर्वी हिस्सों में भी ठंडी हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है।
प्रयागराज में गंगा और यमुना का बढ़ता जलस्तर
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण सूबे की प्रमुख नदियां उफान पर हैं। विशेष रूप से प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी का पानी तेजी से बढ़ते हुए घाटों पर बनी दुकानों तक पहुंच गया है। जलस्तर में हो रही इस बढ़ोतरी को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और दुकानदारों को सतर्क कर दिया गया है। वहीं बिजनौर में मालन नदी का पानी छोटे पुलों के ऊपर से बह रहा है, जिससे कई रास्तों पर आवागमन प्रभावित हुआ है।
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बड़ा हादसा टला
बागपत में भी यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। नगर के पक्का घाट पर नहाने गया 14 साल का एक बच्चा तेज बहाव के कारण गहरे पानी में डूबने लगा था। गनीमत रही कि वहां मौजूद स्थानीय गोताखोरों ने मुस्तैदी दिखाई और नदी में छलांग लगाकर बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने सख्त हिदायत जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि वे बढ़े हुए जलस्तर के दौरान नदी के पास न जाएं।
बलिया में कटान के कारण पलायन
नदियों के इस रौद्र रूप का सबसे ज्यादा असर बलिया जिले में देखने को मिल रहा है। यहां सरयू और घाघरा नदी के तेज बहाव की वजह से किनारों पर भारी कटान शुरू हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि बांसडीह इलाके के करीब 150 परिवारों को सुरक्षा के लिहाज से अपने घरों को छोड़कर दूसरी सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट होना पड़ा है। प्रभावित लोगों के रहने और खाने-पीने के लिए प्रशासन की टीमें राहत कार्यों में जुट गई हैं।
मौसम विभाग की नई चेतावनी
आने वाले दिनों के मौसम को लेकर मौसम विभाग का कहना है कि पाकिस्तान की तरफ से आ रही सूखी हवाओं के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश से फिलहाल मानसूनी बादल दूर हो गए हैं। इसके कारण अगले 6 से 7 दिनों तक पश्चिमी जिलों में बारिश पर ब्रेक लगा रह सकता है। हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और गरज-चमक के साथ बारिश होने के पूरे आसार हैं। उत्तर प्रदेश में इस समय प्रकृति के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां कम बारिश के कारण सूखे जैसे हालात की चिंता है, वहीं दूसरी तरफ नदियों के बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा कर दिया है। ऐसी स्थिति में नदी किनारे रहने वाले लोगों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करना चाहिए ताकि किसी भी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।
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