Sabarimala Temple Case में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना का बड़ा बयान — हर हिंदू किसी भी मंदिर में जा सकता है।
नई दिल्ली। Sabarimala Temple Case में महिलाओं के प्रवेश और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े देश के सबसे महत्वपूर्ण मामलों में से एक पर Supreme Court of India में सुनवाई जारी है। गुरुवार, 23 अप्रैल को नौ जजों की संविधान पीठ के समक्ष आठवें दिन की सुनवाई के दौरान जस्टिस B. V. Nagarathna ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि “एक हिंदू आखिरकार हिंदू ही होता है और वह किसी भी मंदिर में जा सकता है।”
यह संविधान पीठ मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अध्यक्षता में सुनवाई कर रही है, जिसमें जस्टिस एम.एम. सुंदरेश, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस जॉयमाल्या बागची भी शामिल हैं। पीठ इस अहम सवाल पर विचार कर रही है कि क्या कोई धार्मिक संप्रदाय अपनी परंपराओं के आधार पर अन्य लोगों के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा सकता है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि हिंदू समाज को संप्रदाय के आधार पर विभाजित नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैव, वैष्णव या अन्य पूजा पद्धतियां भले अलग हों, लेकिन इससे किसी हिंदू को दूसरे मंदिर में जाने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पूजा की अलग-अलग परंपराएं संरक्षित हो सकती हैं, लेकिन इससे सामाजिक विभाजन नहीं होना चाहिए।
यह भी पढ़े: West Bengal Assembly Elections 2026
सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प बात तब हुई जब वरिष्ठ अधिवक्ता ने एक सार्वजनिक लेख का हवाला दिया। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि ज्ञान के स्रोतों का स्वागत है, लेकिन “व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी” जैसे अनौपचारिक स्रोतों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने भी सहमति जताते हुए कहा कि व्यक्तिगत राय को तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता। (Sabarimala Case)
संविधान पीठ ने इस मामले में धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार के बीच संतुलन पर भी गहन चर्चा की। अदालत इस बात पर विचार कर रही है कि संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत धार्मिक अधिकारों की सीमा क्या है और क्या सामाजिक सुधार के लिए राज्य हस्तक्षेप कर सकता है।
पीठ ने यह भी कहा कि राज्य कोई बाहरी संस्था नहीं है, बल्कि जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। यदि समाज किसी बुराई को समाप्त करना चाहता है, तो राज्य के पास हस्तक्षेप करने का अधिकार है। जस्टिस नागरत्ना ने संकेत दिया कि सामाजिक सुधार से जुड़े कानून धार्मिक प्रथाओं को प्रभावित कर सकते हैं।
इस मामले में कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्नों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें धार्मिक स्वतंत्रता का दायरा, संप्रदायों के अधिकार, संवैधानिक नैतिकता की भूमिका और जनहित याचिकाओं की स्वीकार्यता शामिल हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्णन वेणुगोपाल ने अदालत में कहा कि इस फैसले का असर देश की बड़ी आबादी पर पड़ेगा और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देखा जाएगा। उन्होंने धर्म के मामलों में राज्य के बढ़ते हस्तक्षेप को लेकर चिंता भी जताई।
फिलहाल सुनवाई जारी है और इस मामले का फैसला भारत में धार्मिक स्वतंत्रता, समानता और संवैधानिक मूल्यों के बीच संतुलन को नई दिशा दे सकता है।
Post Views: 19
Sabarimala Case: Supreme Court में 8वें दिन सुनवाई पर Justice Nagaratna ने कहा – हर हिंदू किसी भी मंदिर में जा सकता है
Share This Article
नई दिल्ली। Sabarimala Temple Case में महिलाओं के प्रवेश और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े देश के सबसे महत्वपूर्ण मामलों में से एक पर Supreme Court of India में सुनवाई जारी है। गुरुवार, 23 अप्रैल को नौ जजों की संविधान पीठ के समक्ष आठवें दिन की सुनवाई के दौरान जस्टिस B. V. Nagarathna ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि “एक हिंदू आखिरकार हिंदू ही होता है और वह किसी भी मंदिर में जा सकता है।”
यह संविधान पीठ मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अध्यक्षता में सुनवाई कर रही है, जिसमें जस्टिस एम.एम. सुंदरेश, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस जॉयमाल्या बागची भी शामिल हैं। पीठ इस अहम सवाल पर विचार कर रही है कि क्या कोई धार्मिक संप्रदाय अपनी परंपराओं के आधार पर अन्य लोगों के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा सकता है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि हिंदू समाज को संप्रदाय के आधार पर विभाजित नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैव, वैष्णव या अन्य पूजा पद्धतियां भले अलग हों, लेकिन इससे किसी हिंदू को दूसरे मंदिर में जाने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पूजा की अलग-अलग परंपराएं संरक्षित हो सकती हैं, लेकिन इससे सामाजिक विभाजन नहीं होना चाहिए।
यह भी पढ़े: West Bengal Assembly Elections 2026
सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प बात तब हुई जब वरिष्ठ अधिवक्ता ने एक सार्वजनिक लेख का हवाला दिया। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि ज्ञान के स्रोतों का स्वागत है, लेकिन “व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी” जैसे अनौपचारिक स्रोतों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने भी सहमति जताते हुए कहा कि व्यक्तिगत राय को तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता। (Sabarimala Case)
संविधान पीठ ने इस मामले में धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार के बीच संतुलन पर भी गहन चर्चा की। अदालत इस बात पर विचार कर रही है कि संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत धार्मिक अधिकारों की सीमा क्या है और क्या सामाजिक सुधार के लिए राज्य हस्तक्षेप कर सकता है।
पीठ ने यह भी कहा कि राज्य कोई बाहरी संस्था नहीं है, बल्कि जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। यदि समाज किसी बुराई को समाप्त करना चाहता है, तो राज्य के पास हस्तक्षेप करने का अधिकार है। जस्टिस नागरत्ना ने संकेत दिया कि सामाजिक सुधार से जुड़े कानून धार्मिक प्रथाओं को प्रभावित कर सकते हैं।
इस मामले में कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्नों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें धार्मिक स्वतंत्रता का दायरा, संप्रदायों के अधिकार, संवैधानिक नैतिकता की भूमिका और जनहित याचिकाओं की स्वीकार्यता शामिल हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्णन वेणुगोपाल ने अदालत में कहा कि इस फैसले का असर देश की बड़ी आबादी पर पड़ेगा और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देखा जाएगा। उन्होंने धर्म के मामलों में राज्य के बढ़ते हस्तक्षेप को लेकर चिंता भी जताई।
फिलहाल सुनवाई जारी है और इस मामले का फैसला भारत में धार्मिक स्वतंत्रता, समानता और संवैधानिक मूल्यों के बीच संतुलन को नई दिशा दे सकता है।
PM Surya Ghar में UP की बड़ी छलांग! 8.76 लाख से ज्यादा घरों पर Solar Panel | DD News UP
Read More »Prayagraj लाया गया Umesh Pal हत्याकांड का आरोपी अरमान बिहारी, एससी-एसटी कोर्ट में हुई पेशी
Read More »Moradabad leopard: मुरादाबाद में तेंदुओं की दहशत के बीच बड़ी कामयाबी!
Read More »Vadnagar से Varanasi ‘Seva Sankalp Yatra’ आजमगढ़ पहुंची: गुजरात के 90 युवाओं का भव्य स्वागत | DD News Uttar Pradesh
Read More »Hindon Airforce Station पर वायु सेना दिवस की रिहर्सल जारी | Ghaziabad | DD News UP
Read More »Rajya Sabha Elections 2026: यूपी में बीजेपी के 8 उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन
Read More »Cabinet Decisions: ट्रांसपोर्ट और छोटे कारोबारियों के लिए सरकार का बड़ा कदम, जानिए कैसे होगा फायदा
Read More »Ind vs Wi t20: लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आज भारत-वेस्टइंडीज मुकाबला, श्रेयस अय्यर संभालेंगे कमान
Read More »Live Channel
Advertisement
Live Poll
Also Read This
PM Surya Ghar में UP की बड़ी छलांग! 8.76 लाख से ज्यादा घरों पर Solar Panel | DD News UP
Prayagraj लाया गया Umesh Pal हत्याकांड का आरोपी अरमान बिहारी, एससी-एसटी कोर्ट में हुई पेशी
Moradabad leopard: मुरादाबाद में तेंदुओं की दहशत के बीच बड़ी कामयाबी!
Vadnagar से Varanasi ‘Seva Sankalp Yatra’ आजमगढ़ पहुंची: गुजरात के 90 युवाओं का भव्य स्वागत | DD News Uttar Pradesh
Hindon Airforce Station पर वायु सेना दिवस की रिहर्सल जारी | Ghaziabad | DD News UP
Rajya Sabha Elections 2026: यूपी में बीजेपी के 8 उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन
Cabinet Decisions: ट्रांसपोर्ट और छोटे कारोबारियों के लिए सरकार का बड़ा कदम, जानिए कैसे होगा फायदा
Ind vs Wi t20: लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आज भारत-वेस्टइंडीज मुकाबला, श्रेयस अय्यर संभालेंगे कमान