S. Janaki Passes Away: भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपनी सुरीली और जादुई आवाज से छह दशकों से भी ज्यादा समय तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अब हमारे बीच नहीं रहीं। शनिवार को 88 वर्ष की उम्र में मैसूर में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके जाने से पूरे देश में शोक की लहर है और संगीत प्रेमियों के लिए यह एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।
S. Janaki Passes Away: देश के बड़े नेताओं ने जताया गहरा शोक
इस दुखद घड़ी में देश के राष्ट्रपति से लेकर तमाम बड़ी हस्तियों ने उन्हें याद किया है। पार्श्व गायिका एस. जानकी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत ने एक संगीत आइकन खो दिया है। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जानकी अम्मा की असाधारण गायकी ने कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया और उनका सदाबहार संगीत हमेशा हमारे दिलों में कीमती रहेगा। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी दुख जताते हुए कहा कि उनकी मधुर आवाज ने जिन गीतों में जान डाली, वे हमेशा के लिए क्लासिक बन गए हैं। वे संगीत की दुनिया में एक ऐसा खालीपन छोड़ गई हैं जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा।
In the passing of the legendary playback singer S. Janaki Amma India has lost a musical icon. Her extraordinary singing enthralled generations. Her illustrious career spanned more than six decades, during which she recorded thousands of songs in nearly 20 Indian languages…
— President of India (@rashtrapatibhvn) July 12, 2026
Deeply saddened by the demise of legendary playback singer S. Janaki Amma Ji. An ethereal voice, Janaki Ji breathed life into songs that became timeless classics across various languages. One of our nation’s most revered cultural icons, she leaves behind an irreplaceable void in…
— Amit Shah (@AmitShah) July 12, 2026
मैसूरु में राजकीय सम्मान के साथ विदाई की तैयारी
मशहूर गायिका का अंतिम संस्कार मैसूरु तालुक (Mysuru Taluk) के कनियानाहुंडी फार्म में किया जाएगा। उनके अंतिम दर्शनों के लिए प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई के लिए महाराजा ग्राउंड ले जाया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए मौके पर 4 एसीपी, 12 इंस्पेक्टर और कमांडो फोर्स सहित करीब 455 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि उनके चाहने वाले बिना किसी परेशानी के अपनी प्रिय ‘जानकी अम्मा’ को अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें।
छह दशकों का शानदार और ऐतिहासिक सफर
S. Janaki का संगीत सफर किसी मिसाल से कम नहीं है। उन्होंने साल 1957 में तमिल फिल्म ‘विधियिन विलायटू’ से अपने करियर की शुरुआत की थी और अपने पहले ही साल में छह अलग-अलग भाषाओं में गाने गाकर सबको चौंका दिया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी सहित करीब 20 भारतीय भाषाओं में 48,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए। उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता कन्नड़ और मलयालम सिनेमा में मिली। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने 4 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 33 राज्य फिल्म पुरस्कार जीते, जो उनकी कला की गहराई को बयां करते हैं।
S. Janaki का जाना भारतीय संस्कृति और संगीत के एक सुनहरे युग का अंत है। भले ही वे शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपनी सुरीली आवाज और हजारों क्लासिक गानों के जरिए वे हमेशा संगीत प्रेमियों की यादों में जिंदा रहेंगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
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