Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जो सीधे तौर पर वहां चल रहे विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे से जुड़ी है। संभल को एक नई रफ्तार देने के लिए बनाए जा रहे एक महत्वपूर्ण रास्ते के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने की तैयारी प्रशासन ने पूरी कर ली है। सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे लोगों के खिलाफ लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय पुलिस ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है।
सरकारी जमीन खाली करने का मिला अल्टीमेटम
Sambhal में फोरलेन मार्ग के निर्माण को गति देने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जोया मार्ग से श्रीकल्कि धाम (Shree Kalki Dham) होते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Expressway) तक बनने वाले इस रास्ते के बीच में आने वाले 96 लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं। शुक्रवार को दोपहर दो बजे से लेकर शाम पांच बजे तक असमोली ब्लॉक के कई गांवों में पुलिस ने बकायदा लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट करते हुए ये नोटिस बांटे। इसके तहत ऐंचौड़ा कम्बोह गांव में 86, ज्ञानपुर सिसौना में 4 और चितावली गांव में 6 ग्रामीणों को चेतावनी दी गई है कि वे 15 दिन के भीतर अपना अवैध कब्जा खुद हटा लें।
22 जुलाई के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
PWD विभाग के सहायक अभियंता ने बताया कि सभी प्रभावित लोगों को स्वेच्छा से सरकारी जमीन खाली करने के लिए 22 जुलाई तक का समय दिया गया है। अगर इस तय अवधि के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन बलपूर्वक बुलडोज़र चलाकर अतिक्रमण को ध्वस्त कर देगा। यही नहीं, भारतीय न्याय संहिता की धारा 52 के तहत ऐसा करने वालों पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा और इस पूरी कार्रवाई में होने वाला खर्च भी उन्हीं लोगों से वसूला जाएगा। आपको बता दें कि तीन दिन पहले ही विभाग ने दुबई कला गांव में भी 47 लोगों को ऐसे ही नोटिस थमाए थे।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को मिलेगी बड़ी सुविधा
यह नया फोरलेन मार्ग Sambhal-Joya रोड से शुरू होकर ऐंचौड़ा कम्बोह स्थित श्रीकल्कि धाम से गुजरेगा और संभल के खिरनी गांव में सीधे गंगा एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज से जुड़ जाएगा। यह मार्ग संभल के प्राचीन 68 तीर्थों और 19 कूपों के 25 कोसीय परिक्रमा मार्ग को भी छुएगा। इस नए रास्ते के बन जाने से दिल्ली-लखनऊ हाईवे और गंगा एक्सप्रेस-वे के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा, जिससे भविष्य में कल्कि नगरी आने वाले देश-भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों का सफर बेहद आसान और आरामदायक हो जाएगा।
विकास के बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जमीनी बाधाओं को हटाना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन प्रशासन इस बार पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों के पास अब 22 जुलाई तक का ही मौका है, ताकि वे बिना किसी कानूनी पचड़े या आर्थिक नुकसान के अपने स्तर पर ही जगह खाली कर दें, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग का काम समय पर पूरा हो सके।







