PM Modi Italy Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के बेहद सफल और ऐतिहासिक विदेश दौरे को पूरा करके वापस नई दिल्ली लौट आए हैं। अपनी इस यात्रा के आखिरी चरण में वे इटली पहुंचे थे, जहां दोनों देशों के बीच कई ऐसे बड़े फैसले लिए गए हैं जो आने वाले समय में भारत के विकास और वैश्विक पहचान को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री की इस यात्रा से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे होने वाले हैं। इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण भारत और इटली के बीच के रिश्तों का एक नए मुकाम पर पहुंचना रहा। इस के दौरान दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ में बदलने का बड़ा ऐलान किया। प्रधानमंत्री मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई इस मुलाकात ने दोनों देशों के आपसी भरोसे को और मजबूत कर दिया है।
कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुए समझौते
दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने के लिए कृषि, महत्वपूर्ण खनिजों, आयुर्वेद, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और समुद्री परिवहन के क्षेत्रों में कई अहम समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा, टैक्स से जुड़े अपराधों, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को मिलने वाली फंडिंग के खिलाफ भी दोनों देशों ने मिलकर कड़ाई से लड़ने पर सहमति जताई है।
भारतीय युवाओं और नर्सों के लिए नए अवसर
इस दौरे की एक और खास बात यह रही कि भारतीय नर्सों और स्वास्थ्य पेशेवरों के इटली आने-जाने और वहां काम करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक विशेष समझौता किया गया है। इससे हमारे देश के कुशल मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए विदेशों में रोजगार के नए और शानदार रास्ते खुलेंगे, जो भारत के युवाओं के लिए एक बेहतरीन खबर है।
रक्षा और इनोवेशन के क्षेत्र में नया रोडमैप
पीएम मोदी ने बताया कि ‘भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029’ दोनों देशों के भविष्य के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार करेगी। दोनों देश मिलकर अब एक ‘भारत-इटली इनोवेशन सेंटर’ बनाने पर भी काम कर रहे हैं। साथ ही, रक्षा क्षेत्र में मिलकर नए उपकरणों का विकास और उत्पादन करने के लिए एक रक्षा औद्योगिक रोडमैप पर भी सहमति बनी है।
पांच देशों के सफल दौरे का समापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा सिर्फ इटली तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और अंत में इटली की यात्रा पर थे। इस दौरे के समापन के साथ ही उनकी यह पांच देशों की आधिकारिक यात्रा पूरी हो गई है, जिसने वैश्विक स्तर पर भारत के कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों को एक नई मजबूती दी है।







