Meerut cyber thug property seized: Meerut में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा रुख लगातार जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को Meerut पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शातिर साइबर ठग अलाउद्दीन की करीब ढाई करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति को कुर्क कर लिया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारियों की देखरेख में की गई। इस दौरान इलाके में बाकायदा ढोल-नगाड़े बजाकर मुनादी कराई गई, ताकि आम लोगों को इसकी जानकारी मिल सके। इसके बाद पुलिस ने सभी संपत्तियों पर कुर्की का आधिकारिक नोटिस चस्पा कर उन्हें पूरी तरह सील कर दिया।
Meerut cyber thug property seized : जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर पांच संपत्तियां कुर्क
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में नामजद गैंग लीडर अलाउद्दीन ने लोगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी करके यह काली कमाई खड़ी की थी। बिजली बंबा बाईपास स्थित जामिया रेजीडेंसी के रहने वाले अलाउद्दीन पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने पूरी तैयारी की थी। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर ग्राम बाजोट में स्थित चार खाली प्लॉट और मेरठ रेजीडेंसी कॉलोनी में बने एक आलीशान मकान सहित कुल पांच संपत्तियां कुर्क की गईं। अगर बाजार भाव की बात करें तो इन संपत्तियों की मौजूदा कीमत लगभग 2.50 करोड़ रुपए है, जबकि सरकारी सर्किल रेट के हिसाब से इनका मूल्य करीब 98.04 लाख रुपए आंका गया है।
![]()
विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी और गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज
यह आरोपी कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है, बल्कि इसका एक संगठित नेटवर्क है। अलाउद्दीन के खिलाफ मेरठ, अयोध्या और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी और गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। वह काफी समय से अलग-अलग राज्यों के लोगों को अपना निशाना बना रहा था। इस कार्रवाई के दौरान लोहियानगर पुलिस और तहसील के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे रहे। पुलिस ने इस मौके पर स्थानीय लोगों से ऑनलाइन फ्रॉड (Online Fraud) और साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की अपील भी की। अधिकारियों का कहना है कि गलत तरीके से संपत्ति बनाने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से साफ है कि अपराध के जरिए बनाई गई संपत्ति ज्यादा दिन तक छिपी नहीं रह सकती। साइबर ठगी करने वालों के खिलाफ मेरठ प्रशासन का यह कदम दूसरे अपराधियों के लिए भी एक कड़ा सबक है।
यह भी पढ़ें: UP mid day meal cooks recruitment: सरकारी स्कूलों में 3.53 लाख रसोइयों की नियुक्ति, जानिए क्या हैं नियम







