UP mid day meal cooks recruitment: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में काम की तलाश कर रहे लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पीएम पोषण (मिड डे मील) योजना (PM Poshan Scheme) के तहत 3.53 लाख रसोइयों की भर्ती होने जा रही है। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने राज्य के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। इस पूरी प्रक्रिया को अगले 15 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को हर महीने 1000 रुपए का मानदेय मिलेगा। स्कूलों में छात्र संख्या के हिसाब से कम से कम 1 और ज्यादा से ज्यादा 7 रसोइया रखे जा सकेंगे।
UP mid day meal cooks recruitment: चयन के लिए 4 मापदंड जरूरी
विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, इस भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए चयन के लिए 4 मापदंड जरूरी तय किए गए हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदन करने वाली महिला का अपना बच्चा, पोता-पोती या भाई-बहन उसी स्कूल में पढ़ता होना चाहिए। इसके अलावा, चयन में विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। अगर दोनों श्रेणियां आवेदन करती हैं, तो पहला मौका विधवा महिला को मिलेगा। भर्ती में तय रोस्टर (एसटी, एससी, ओबीसी और अनारक्षित) का पूरा पालन होगा, लेकिन जिन स्कूलों में छात्र संख्या कम होने की वजह से सिर्फ एक ही पद है, उसे अनारक्षित माना जाएगा।
तैयार होगी वेटिंग लिस्ट, लापरवाही पर हटाने का अधिकार
भविष्य में काम प्रभावित न हो, इसके लिए तैयार होगी वेटिंग लिस्ट, लापरवाही पर हटाने का अधिकार भी स्कूल प्रशासन के पास होगा। हर स्कूल में मुख्य रसोइयों के अलावा दोगुनी संख्या में रसोइयों का एक पैनल यानी वेटिंग लिस्ट बनाई जाएगी। अगर कोई मुख्य रसोइया बीमार या अनुपस्थित रहता है, तो वेटिंग लिस्ट वाले को मौका दिया जाएगा। इसके साथ ही, खाने की साफ-सफाई में कमी या अनुशासनहीनता मिलने पर प्रधानाध्यापक की रिपोर्ट के आधार पर रसोइया को तुरंत हटाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल स्कूलों में मिड डे मील (mid day meal) की व्यवस्था को सुधारेगी, बल्कि ग्रामीण और स्थानीय महिलाओं को रोजगार के अवसर भी देगी। उम्मीद है कि अगले दो हफ्तों में यह पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो जाएगी।







