Om Birla Speech: लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने सोमवार को अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के राष्ट्रीय अधिवेशन और अलंकरण समारोह (National Convention and Investiture Ceremony) को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत— समानता, समावेशिता, सहयोग और सामूहिक भागीदारी— आधुनिक युग में भी अत्यंत प्रासंगिक और अनुकरणीय हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की प्रगति देश के नागरिकों की सामूहिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता पर ही टिकी हुई है।
समारोह को संबोधित करते हुए स्पीकर Om Birla ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने हजारों वर्ष पूर्व सामाजिक समरसता और साझा जिम्मेदारी पर आधारित शासन का एक उत्कृष्ट मॉडल स्थापित किया था। उनके यही महान आदर्श आज भी हमारे समाज को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
देश के विकास और संकटकाल में अग्रवाल समाज की भूमिका अग्रणी
लोकसभा अध्यक्ष ने देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में अग्रवाल समुदाय के ऐतिहासिक योगदान की खुलकर सराहना की।
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सेवा की अटूट परंपरा: उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज ने हमेशा आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास के दृष्टिकोण का पालन करते हुए देश को आगे बढ़ाया है। जब भी राष्ट्र या समाज के सामने कोई संकट या आपदा आई, इस समुदाय के सदस्यों ने हमेशा आगे बढ़कर जरूरतमंदों की मदद की है।
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लोक कल्याण के संस्कार: Om Birla ने कहा, “भारत की प्रगति सामूहिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता पर निर्भर है।” उन्होंने आगे जोड़ा कि अपनी धन-संपदा और संसाधनों को लोक कल्याण व परोपकार के कार्यों में समर्पित करने की परंपरा अग्रवाल समुदाय के संस्कारों में बहुत गहराई से रची-बसी है।
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उद्योग से लेकर स्वास्थ्य-शिक्षा तक अमिट छाप
स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजादी के बाद के राष्ट्र-निर्माण में समुदाय की भूमिका को रेखांकित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अग्रवाल समाज ने उद्योग, व्यापार, वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में बड़े और ऐतिहासिक योगदान दिए हैं।
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निःस्वार्थ सेवा के प्रतीक: देश के कोने-कोने में इस समाज द्वारा स्थापित किए गए स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और धर्मशालाएं उनकी निःस्वार्थ सेवा भावना के जीवंत और स्थाई प्रतीक के रूप में खड़े हैं। आज समाज में इस समुदाय को जो सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त है, वह पीढ़ियों के बलिदान, समर्पण और राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा का परिणाम है।
युवा पीढ़ी से सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने का आह्वान
स्पीकर Om Birla ने समुदाय की युवा पीढ़ी से अपने समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने और समाज के वंचित व कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने गतिशील नेतृत्व और सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि संगठन की विभिन्न इकाइयां अलग-अलग दृष्टिकोण अपना सकती हैं, लेकिन समाज की सेवा करने और राष्ट्रीय विकास में योगदान देने के अपने व्यापक मिशन में उन सभी को हमेशा एकजुट रहना चाहिए।
अधिवेशन के अंत में उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अग्रवाल सम्मेलन के माध्यम से महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाएंगे और गरीबों तथा हाशिए पर मौजूद लोगों के कल्याण के लिए पूरी सक्रियता से काम करेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि नेतृत्व केवल अधिकार का पद नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है।







