उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर पुलिस और सीबीआई की संयुक्त टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित Chandranath Rath हत्याकांड में काफी समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी राजकुमार सिंह को पुलिस ने धर दबोचा है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब आरोपी हरिद्वार से लौट रहा था और मुजफ्फरनगर के छपार टोल प्लाजा से गुजरने की फिराक में था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुजफ्फरनगर पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसी ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए आरोपी को दबोचने में सफलता हासिल की है।

हरिद्वार से लौटते वक्त टोल प्लाजा पर बिछाया जाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई की स्पेशल क्राइम टीम इस केस की बारीकी से जांच कर रही थी। दरअसल, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंद्रु अधिकारी के निजी सहायक Chandranath Rath की 6 मई 2026 को बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। तभी से जांच एजेंसियां इसके आरोपियों की तलाश में जुटी थीं।
रविवार को सीबीआई के डिप्टी एसपी राजेश कुमार को पुख्ता जानकारी मिली कि इस मामले का एक वांछित आरोपी हरिद्वार से होते हुए यूपी की सीमा में दाखिल होने वाला है। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा को दी। सूचना मिलते ही पुलिस महकमा तुरंत एक्शन में आ गया।

सघन चेकिंग अभियान चलाकर आरोपी को दबोचा
एसएसपी के निर्देश पर थाना छपार पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई और पूरे इलाके में नाकाबंदी कर दी गई। पुलिस ने नेशनल हाईवे और टोल प्लाजा के पास सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। जैसे ही आरोपी की गाड़ी छपार टोल प्लाजा के पास पहुंची, पहले से मुस्तैद सीबीआई और छपार पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान राजकुमार सिंह के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के चिलकाहार इलाके का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ पश्चिम बंगाल में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है।
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कोर्ट में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर भेजा
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी और स्थानीय पुलिस ने आरोपी से कड़ी पूछताछ की। इसके बाद सीबीआई टीम ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी राजकुमार सिंह को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में पेश किया।
अदालत ने मामले की गंभीरता और आगे की जांच को ध्यान में रखते हुए आरोपी की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली, जिसके बाद उसे आगे की पूछताछ और तफ्तीश के लिए पूरी तरह से सीबीआई टीम को सौंप दिया गया। मुजफ्फरनगर के एसएसपी ने इस संयुक्त ऑपरेशन को पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय की एक बड़ी सफलता बताया है।
पश्चिम बंगाल के इस चर्चित Chandranath Rath हत्याकांड के आरोपी की यूपी में गिरफ्तारी यह साफ करती है कि अपराधियों के खिलाफ देश की जांच एजेंसियां और राज्य पुलिस कितनी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। टोल प्लाजा पर समय रहते की गई इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़े मामले की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलेगी। उम्मीद है कि सीबीआई की रिमांड में आने के बाद इस हत्याकांड से जुड़े कई अन्य अहम खुलासे भी जल्द ही सामने आएंगे।







