Jhansi Cyber Crime : आजकल जैसे-जैसे दुनिया डिजिटल हो रही है, वैसे-वैसे साइबर ठग भी लोगों को चूना लगाने के नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश के झांसी से एक राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। झांसी पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बहुत बड़ा अभियान चलाकर 23 शातिर ठगों को धर दबोचा है। ये ठग फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर आम लोगों को डराते-धमकाते थे और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लेते थे। आइए जानते हैं पुलिस के इस बड़े एक्शन की पूरी कहानी।
पुलिस अधिकारी बनकर लोगों में फैलाते थे डर
झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम अरीबा नोमान की अगुवाई में इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। जांच में खुलासा हुआ है कि ये साइबर अपराधी खुद को पुलिस अफसर या पुलिसकर्मी बताकर आम लोगों को फोन किया करते थे। ये लोगों को किसी झूठे मुकदमे में फंसाने या तुरंत गिरफ्तार करने की धमकी देते थे। पुलिस का नाम सुनते ही आम लोग डर जाते थे और अपनी गाढ़ी कमाई इन ठगों के हवाले कर देते थे।
120 मोबाइल फोन और लाखों की नकदी जब्त
पुलिस की इस छापेमारी में ठगों के गिरोह के पास से जो सामान बरामद हुआ है, उसे देखकर हर कोई हैरान है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 120 मोबाइल फोन, 35 डेबिट कार्ड, 20 पहचान दस्तावेज, 4 वोटर आईडी, 1 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 29 बैंक पासबुक और 13 अन्य बैंक कार्ड जब्त किए हैं। इसके अलावा 9 लाख 20 हजार 510 रुपये की भारी नकदी और पीली व सफेद धातु (सोना-चांदी) भी बरामद की गई है। इतने बड़े पैमाने पर मिली बरामदगी से साफ है कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था।
कैसे बनाते थे लोगों को शिकार और क्या कह रही है पुलिस
ये ठग अलग-अलग जगहों पर बैठकर लोगों को फोन करते थे और उनसे झांसा देकर बैंकिंग की गुप्त जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद मिनटों में खातों से पैसे साफ कर दिए जाते थे। झांसी के साइबर थाने में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक कुल कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।







