CM Yogi Pratapgarh visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को प्रतापगढ़ (Pratapgarh) पहुंचे, जहां उन्होंने जिले को प्रगति की एक नई रफ्तार दी। इस खास मौके पर उन्होंने कुल 384 करोड़ रुपये की लागत वाली 111 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) परिसर में आयोजित इस विशाल जनसभा में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। सुहावने मौसम और बारिश के बीच जनता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने बड़े ही अनौपचारिक अंदाज में कहा कि आज बहुत अच्छी बारिश हो रही है और इस सीजन में बारिश का क्या महत्व है, यह आप सब मुझसे बेहतर जानते हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए आगे जोड़ा कि वैसे भी कहा जाता है कि प्रतापगढ़ के लोगों को ज्यादा समझाने की जरूरत नहीं होती, वे पहले से ही बहुत समझे हुए और सुलझे हुए लोग हैं।
CM Yogi Pratapgarh visit: मंच पर श्रद्धा पांडे BPSC टॉपर का हुआ सम्मान
इस जनसभा का सबसे भावुक और गौरवशाली पल वह था जब मुख्यमंत्री ने मंच पर प्रतापगढ़ की बेटी और पूरे बिहार में जिले का नाम रोशन करने वाली श्रद्धा पांडे BPSC टॉपर को सम्मानित किया। श्रद्धा पांडे ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में 593 अंक हासिल कर राज्य में पहली रैंक (Rank 1) हासिल की है और वह अब बिहार में एसडीएम (SDM) के रूप में अपनी सेवाएं देंगी। मूल रूप से Pratapgarh की रानीगंज तहसील के पचरास गांव की रहने वाली श्रद्धा को सीएम योगी ने मंच पर बुलाकर बधाई दी और उन्हें उपहार स्वरूप एक आईपैड भेंट किया।

मुख्यमंत्री ने युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि आज यूपी लोक सेवा आयोग हो या अन्य राज्यों की प्रतिष्ठित परीक्षाएं, Pratapgarh के होनहार नौजवान हर जगह अपनी जगह बना रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले पुलिस और प्रशासनिक नौकरियों पर सैफई घराना डकैती डालता था और पदों की नीलामी होती थी, जिससे गरीब और होनहार बच्चे पीछे छूट जाते थे। लेकिन हमारी सरकार में पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां हो रही हैं, जिसका नतीजा है कि अकेले पुलिस की 60 हजार भर्तियों में भी इस क्षेत्र के कई युवाओं का चयन हुआ है।

राम मंदिर दान चोरी और विपक्ष की कूटनीति पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री के भाषण का एक बड़ा हिस्सा विपक्षी दलों की नीतियों पर केंद्रित रहा। उन्होंने हाल ही में सुर्खियों में रहे Ram Mandir दान चोरी मामले पर चल रही राजनीति को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया। सीएम योगी ने जनता को भरोसा दिलाते हुए साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले की जांच एसआईटी (SIT) कर रही है और एसआईटी दूध का दूध, पानी का पानी करके रहेगी। उन्होंने कहा कि जिनके भी खिलाफ साक्ष्य मिले हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के लोग भगवान राम के अस्तित्व को ही काल्पनिक बता रहे थे, तब क्या हिंदुओं की आस्था आहत नहीं हो रही थी? उन्होंने याद दिलाया कि पहले के समय में दुर्गा पूजा और कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों को रोक दिया जाता था, तब इन्हें कोई चिंता नहीं होती थी। सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष को असल कष्ट इस बात का है कि वे जहां कभी बाबरी मस्जिद का ढांचा देखना चाहते थे, आज वहां भव्य प्रभु श्री राम का मंदिर बनकर तैयार है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा के रंग बदलने के रवैये को देखकर तो अब गिरगिट भी शरमा जाए।
जो हिंदू विरासत से जुड़े हुए धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वाल पर खर्च कर देते थे, वे लोग कौन सी आस्था की बात कर रहे हैं…
यही प्रश्न आप लोगों को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोगों से करना चाहिए, उनसे पूछना चाहिए… pic.twitter.com/kd9oB6MWxK
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 7, 2026
वक्फ की जमीन पर चुप्पी को लेकर उठाए गंभीर सवाल
विपक्षी दलों को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने जमीन के मुद्दों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि जो लोग आज अयोध्या को लेकर झूठा हौवा खड़ा कर रहे हैं, वे देश और प्रदेश में वक्फ के नाम पर बेची गई हजारों हेक्टेयर जमीन पर एक बार भी क्यों नहीं बोलते?
सीएम योगी ने कहा कि वक्फ के नाम पर कब्जा की गई यह जमीन वास्तव में गरीबों और कमजोर तबके के लोगों की थी, जिसे भूमिहीनों को पट्टे के तौर पर दिया जा सकता था। लेकिन कुछ चुनिंदा लोगों ने इस जमीन पर अवैध कब्जा करके इसका वारा-न्यारा कर दिया और खुद फायदे कमा लिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इस बड़े घालमेल पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने आज तक चुप्पी क्यों साध रखी है?
जहां ये बाबरी का गुलामी ढांचा देखना चाहते थे, आज वहां दुनिया का सबसे बड़ा भगवान राम का मंदिर खड़ा है,
यही तो समाजवादी पार्टी की पीड़ा है।
इन सपाइयों और कांग्रेसियों से तो गिरगिट भी शरमा रहा होगा… pic.twitter.com/O2bhtRRu7k
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 7, 2026
यह भी पढ़ें: PM Modi Indonesia visit: Jakarta में मिला सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ (Bintang Adipurna)

विकास में नहीं देखी गई कोई जाति या वोट बैंक
अपने संबोधन के आखिरी हिस्से में मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ के बदलते स्वरूप और सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज से 9 साल पहले प्रतापगढ़ की गिनती बेहद पिछड़े जनपदों में होती थी। यहां की सड़कें इतनी जर्जर थीं कि इस क्षेत्र की मुख्य पहचान, यानी यहां का आंवला, सही समय पर बाजार न पहुंचने के कारण दम तोड़ रहा था। बदहाली की वजह से युवाओं के पास पलायन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं था।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इस क्षेत्र को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ दिया था, जबकि हमारी सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) देकर यहां के आंवले को वैश्विक पहचान दिलाई है। सीएम योगी ने गर्व से कहा कि साल 2017 से पहले किसी ने सोचा भी नहीं था कि प्रतापगढ़ में एक मेडिकल कॉलेज बनेगा, लेकिन आज यहां भव्य मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार है, जहां हमारी बेटियां नर्सिंग की पढ़ाई कर अपना भविष्य संवारेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने कभी भी वोट या जाति देखकर योजनाओं का लाभ नहीं दिया, बल्कि ‘सबका साथ सबका विकास’ के मूल मंत्र पर काम किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह प्रतापगढ़ दौरा केवल विकास परियोजनाओं की सौगात देने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह क्षेत्र के होनहार युवाओं को प्रोत्साहित करने और विपक्ष के कूटनीतिक बयानों का जमीन पर जवाब देने का एक बड़ा जरिया बना। श्रद्धा पांडे जैसी बेटियों का सम्मान कर जहां सरकार ने महिला सशक्तिकरण और युवाओं के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाई, वहीं बुनियादी ढांचे को मजबूत कर प्रतापगढ़ के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व को दोबारा स्थापित करने की कोशिश की है।







