Bareilly News : बरेली में 17 साल के एक किशोर के सनसनीखेज अपहरण और 5 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले को पुलिस ने अपनी मुस्तैदी से महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। अपराधियों ने किशोर का अपहरण करने के बाद उसे बरेली से सैकड़ों किलोमीटर दूर झांसी पहुंचा दिया था, लेकिन सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के दम पर पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी करके उसे सुरक्षित बचा लिया। इस त्वरित कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो शातिर आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
यह पूरा मामला नवाबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुलशन नगर का है। 30 सितंबर को रीना कुमारी ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 17 वर्षीय बेटा देवेंद्र अचानक लापता हो गया है और उसका अपहरण कर लिया गया है। परिजनों के अनुसार, अपहृत देवेंद्र के ही मोबाइल नंबर से उसके पिता सुभाष के फोन पर लगातार कॉल आ रही थीं। कॉल करने वाले बदमाश बेटे को सही-सलामत छोड़ने के बदले 5 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे थे और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
मोबाइल सर्विलांस से झांसी में मिली लोकेशन
फिरौती की कॉल आते ही बरेली पुलिस एक्शन मोड में आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए नवाबगंज थाना पुलिस के साथ सर्विलांस सेल और SOG की संयुक्त टीम को जांच में लगाया गया। पुलिस ने जब अपहृत किशोर के मोबाइल की लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला, तो उसकी आखिरी लोकेशन झांसी जिले के गुरसराय थाना क्षेत्र में ट्रैक हुई।
बरेली पुलिस ने तुरंत झांसी पुलिस से संपर्क साधा। दोनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त रणनीति बनाकर झांसी के संदिग्ध इलाकों में घेराबंदी शुरू कर दी। इसी दौरान लोहिया पुलआडी सड़क क्षेत्र के आमली मार्ग पर एक संदिग्ध गाड़ी दिखाई दी। पुलिस टीम ने जब वाहन को चारों तरफ से घेरकर तलाशी ली, तो उसमें अपहृत किशोर देवेंद्र सुरक्षित मिल गया।
कार बरामद, दोनों आरोपी पहुंचे जेल
पुलिस ने देवेंद्र को बदमाशों के चंगुल से सकुशल छुड़ाया और मौके से दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि देवेंद्र सिम बेचने का काम करता था। आरोपियों ने सिम खरीदने का झांसा देकर उसे बुलाया और उसका अपहरण कर उसी के फोन से परिजनों से फिरौती मांगी थी।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार और मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया है।
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