UP Shikshamitra: उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को special TET में शामिल होने की उम्मीद थी। लेकिन गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के फैसले के बाद फिलहाल इस उम्मीद पर ब्रेक लग गया है। दरअसल, हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों को स्पेशल TET-2026 में शामिल करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। वसीम अहमद समेत 220 शिक्षामित्रों ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि उन्हें भी विशेष TET परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाए।
लेकिन कोर्ट ने कहा कि शिक्षामित्रों की कानूनी स्थिति सरकारी शिक्षकों से अलग है। ऐसे में सिर्फ सामान्य TET के लिए पात्र होने के आधार पर शिक्षामित्र स्पेशल TET में शामिल होने का दावा नहीं कर सकते। आखिर क्या है स्पेशल TET और शिक्षामित्रों के लिए क्यों अहम है ये परीक्षा।
क्या है SPECIAL TET?
– स्पेशल टीईटी यूपी में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा है
– इसे राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग ने उन शिक्षकों के लिए शुरू किया है
– (जिन्होंने) अभी तक टीईटी या सीटीईटी पास नहीं किया है
– यह परीक्षा केवल परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए है
– (जिन्होंने) इनमें से कोई भी परीक्षा पास नहीं की है
– (और, जो) शिक्षक पहले ही टीईटी या सीटीईटी पास कर चुके हैं, उन्हें यह परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी
यूपी में कई शिक्षामित्रों ने अभी तक TET पास नहीं किया है। लिहाजा उनकी मांग थी कि जब कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष TET कराया जा रहा है, तो उन्हें भी इसमें शामिल होने का मौका मिले। इसी मांग को लेकर शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किए और अदालत का दरवाजा भी खटखटाया। लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के बाद फिलहाल उन्हें स्पेशल TET में शामिल होने की राहत नहीं मिली है।
शिक्षामित्रों पर कोर्ट की अहम टिप्पणी
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षामित्रों की कानूनी स्थिति, उनकी नियुक्ति प्रक्रिया और सेवा शर्तें नियमित सहायक अध्यापकों से पूरी तरह अलग हैं। संविधान का अनुच्छेद 14 और 16 राज्य को ऐसे अंतर को खत्म करने के लिए मजबूर नहीं करता। जो किसी वैध कानूनी उद्देश्य पर आधारित हो। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता केवल इस आधार पर विशेष परीक्षा में शामिल होने का दावा नहीं कर सकते कि वे सामान्य TET परीक्षा में बैठने की न्यूनतम योग्यता रखते हैं।
कोर्ट ने साफ किया कि ‘Special TET 2026’ कोई नई नौकरी या सीधी भर्ती का जरिया नहीं है। यह केवल उन पुराने नियमित शिक्षकों को अपनी सेवा बचाने के लिए मिला एक सीमित अवसर है जो अब तक पात्रता पूरी नहीं कर पाए हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि शिक्षामित्रों के पास जुलाई 2026 में हुई सामान्य टीईटी परीक्षा में बैठने का पूरा मौका था। इसलिए अब स्पेशल टीईटी से बाहर रखने को भेदभावपूर्ण नहीं माना जा सकता।
यानी हाईकोर्ट के फैसले ने फिलहाल शिक्षामित्रों के लिए स्पेशल TET का रास्ता बंद कर दिया है। ऐसे में अब उनकी नजर आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर रहेगी। फिलहाल 3 नवंबर को होने वाली Special TET परीक्षा में शिक्षामित्र शामिल नहीं हो सकेंगे।
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