बहराइच में खूनी खेल: जमीन और गहनों के लालच में कलयुगी बेटे ने माता-पिता, दादी और बहन को कुल्हाड़ी से काटा; इलाके में सनसनी

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आधी रात को मची चीख-पुकार: एक ही परिवार के चार लोगों की बलि

बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ रुपईडीहा थाना क्षेत्र के बसंतपुर उदल गाँव में रविवार की आधी रात को एक सिरफिरे युवक ने कुल्हाड़ी से काटकर अपने ही परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी। संपत्ति और गहनों के विवाद में हुए इस खूनी संघर्ष ने पूरे गांव को दहला दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने माता-पिता, वृद्ध दादी और सगी बहन पर उस समय हमला किया जब वे सो रहे थे। इस हमले में चारों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आरोपी का बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया है।

एएसपी (ग्रामीण) दुर्गा प्रसाद तिवारी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि गाँव के रहने वाले बदलू वर्मा के बड़े बेटे गुरुदेव ने इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। गुरुदेव के अनुसार, उसका छोटा भाई निरंकार काफी समय से बेची गई जमीन के पैसों और घर के गहनों को लेकर विवाद कर रहा था। रविवार रात करीब 12 बजे जब विवाद बढ़ा, तो निरंकार ने आपा खो दिया और घर में रखी कुल्हाड़ी उठाकर अपने परिजनों पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। मृतकों की पहचान बदलू राम (60), संजू देवी (56), बहन पार्वती (42) और दादी शीतला (80) के रूप में हुई है।

भाई पर भी जानलेवा हमला और खुद को घायल करने की कोशिश

वारदात के दौरान जब बड़ा भाई गुरुदेव शोर सुनकर अपने कमरे से बाहर निकला, तो आरोपी निरंकार ने उस पर भी कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। गुरुदेव के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के समय आरोपी का बेटा आजाद भी वहीं मौजूद था और इस पूरी विभीषिका का चश्मदीद बना। शोर सुनकर जब ग्रामीण मौके पर जमा हुए और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, तो निरंकार ने भागने के बजाय ईंट उठाकर अपने ही सिर पर कई बार वार किए, जिससे वह खुद भी लहूलुहान होकर गिर पड़ा।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उसे पहले जिला अस्पताल बहराइच ले जाया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया है। वहीं, घायल शिकायतकर्ता गुरुदेव का इलाज रुपईडीहा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहराई से तफ्तीश की जा रही है।

संपत्ति विवाद और पुलिस की पुरानी लापरवाही का आरोप

घायल गुरुदेव ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि यह हत्याकांड केवल गुस्से का नतीजा नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही रंजिश का परिणाम है। गुरुदेव का दावा है कि उनके माता-पिता ने कुछ समय पहले अपनी जमीन बेची थी, जिसके पैसे वे किसी भी बेटे को नहीं दे रहे थे। इसी बात को लेकर निरंकार अक्सर घर में हंगामा करता था। गुरुदेव ने यह भी संगीन आरोप लगाया कि करीब एक महीने पहले भी ऐसा ही झगड़ा हुआ था और पुलिस को सूचना दी गई थी।

गुरुदेव के अनुसार, उस समय एक पुलिस अधिकारी ने इसे ‘घर का अंदरूनी मामला’ बताकर टाल दिया था और दोनों पक्षों को शांत रहने की हिदायत दी थी। पीड़ित का मानना है कि यदि पुलिस ने उस समय ठोस कार्रवाई की होती, तो आज उसका परिवार जिंदा होता। फिलहाल, रुपईडीहा पुलिस ने आरोपी निरंकार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 109(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी अब उन परिस्थितियों की विस्तृत जांच कर रहे हैं, जिन्होंने एक बेटे को अपने ही खून का प्यासा बना दिया।

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