Neet UG re-exam: नीट परीक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से देश भर में काफी चर्चा चल रही है। पेपर लीक के आरोपों के बाद पुरानी परीक्षा को रद्द करना पड़ा था, जिसके बाद अब दोबारा परीक्षा कराने की तारीख बेहद नजदीक आ गई है। ऐसे में सरकार और प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि इस बार बिना किसी गड़बड़ी के परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से निपटाया जाए। इसी सिलसिले में नीट यूजी री-एग्जाम की तैयारियां को अंतिम रूप देने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकारों, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और कई बड़े उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। हाइब्रिड मोड में हुई इस बैठक में करीब 222 अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया में ईमानदारी और पारदर्शिता का सबसे ऊंचा पैमाना बनाए रखना होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए और कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा बहाल हो सके।
मंत्रालय की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए विशेष अधिकारियों की टीमें सभी राज्यों में भेजी जाएंगी। ये टीमें सीधे ग्राउंड से रिपोर्ट तैयार करेंगी और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कमांड सेंटर को रीयल-टाइम अपडेट भेजेंगी।

NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह मुख्य रूप से शामिल
इस जरूरी बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह मुख्य रूप से शामिल हुए। बैठक में अधिकारियों ने न सिर्फ सुरक्षा बल्कि छात्रों की सहूलियत पर भी लंबी बात की। स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के बैठने की सही व्यवस्था और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहले से दुरुस्त होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र पहले से ही काफी तनाव में हैं, इसलिए परीक्षा केंद्र पर उन्हें ऐसा माहौल मिलना चाहिए जहां वे बिना किसी मानसिक दबाव के सहज होकर अपना पेपर दे सकें।
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नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद
गौरतलब है कि पिछले महीने हुई नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद और धांधली के गंभीर आरोपों के बाद देश भर में भारी आक्रोश देखने को मिला था। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को परीक्षा रद्द करने का कड़ा फैसला लेना पड़ा। इसके बाद ही 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित करने का ऐलान हुआ था। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने कहा कि परीक्षा की तारीख से पहले का समय हर एक अधिकारी के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।
नीट री-एग्जाम को निष्पक्ष ढंग से कराना इस समय सरकार और एनटीए के लिए साख का सवाल बन चुका है। शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan की इस समीक्षा बैठक से यह साफ है कि प्रशासन पिछली गलतियों से सबक लेकर इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। अब उम्मीद यही की जानी चाहिए कि 21 जून को होने वाली यह परीक्षा बिना किसी बाधा के पूरी तरह पारदर्शी माहौल में संपन्न होगी।







