Varanasi में एक घंटे में 2.51 लाख पौधारोपण… बना विश्व कीर्तिमान…

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Varanasi ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है। गंगा पार डोमरी और सूजाबाद गांव में आयोजित बड़े पौधारोपण अभियान में सिर्फ एक घंटे में 2,51,446 पौधे लगाए गए। इसी के साथ Varanasi ने चीन का पिछला रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। यह आयोजन 350 एकड़ जमीन पर किया गया, जहां हजारों लोगों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया।

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इस मेगा अभियान में 20 हजार से अधिक नागरिकों ने हिस्सा लिया, जो जनभागीदारी का अनूठा उदाहरण बना। लगभग 350 बीघा भूमि पर “नमो वन” नामक एक विशाल शहरी वन विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत कुल 3 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं, जिनमें 2.5 लाख मियावाकी पद्धति के पौधे, 10 हजार इमारती लकड़ी के वृक्ष और 40 हजार फलदार पौधे शामिल हैं।

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Varanasi में कैसे बना रिकॉर्ड

सुबह 9:11 बजे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषि नाथ ने पौधारोपण की शुरुआत की घोषणा की। पूरा क्षेत्र 60 सेक्टरों में बांटा गया था और पहले से गड्ढे तैयार किए गए थे। मियावाकी पद्धति से छायादार, फलदार और औषधीय पौधे लगाए गए। ड्रोन कैमरे, डिजिटल एप और गिनीज टीम की निगरानी में पौधों की गिनती की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में वाराणसी नगर निगम ने एक घंटे से भी कम समय में 2,51,446 पौधे रोपण कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषि नाथ ने महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को प्रमाणपत्र सौंपा।

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Varanasi में हजारों लोगों की भागीदारी

Varanasi के इस अभियान में नगर निगम के करीब 5000 कर्मचारियों के साथ एनडीआरएफ, पुलिस, पीएसी, सेना, स्कूली बच्चे, एनसीसी कैडेट और सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए। कुल मिलाकर 15,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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Varanasi में लगाए गए पौधों की देखरेख तीन साल तक मध्य प्रदेश की राज नर्सरी करेगी। इसे ‘शहरी वन’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जो शहर के लिए ऑक्सीजन बैंक का काम करेगा।

नगर निगम का अनुमान है कि इससे भविष्य में आय भी होगी। Varanasi का यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सामूहिक प्रयास से बना यह रिकॉर्ड शहर के लिए गर्व का विषय है और आने वाले समय में हरियाली बढ़ाने में मदद करेगा।

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