Ration card धारकों के लिए बड़ी खबर, 3 करोड़ नए परिवारों को मिलेगा मौका

Ration card

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Ration card new update: अगर आप या आपके आस-पास कोई जरूरतमंद परिवार राशन कार्ड बनवाने के लिए परेशान था, तो यह खबर आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। सरकार देश की राशन व्यवस्था में एक बड़ा सुधार करने जा रही है। राशन चोरी रोकने और सही लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बाद अब एक अच्छी रिपोर्ट सामने आई है। चलिए आसान शब्दों में समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और इससे आम लोगों को क्या फायदा होने वाला है।

क्या है सरकार की नई तैयारी?

दरअसल, केंद्र सरकार देश के सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS राशन वितरण को पूरी तरह साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाना चाहती है। इसी सिलसिले में केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि राशन लिस्ट से फर्जी और अयोग्य लोगों के नाम हटाए जाने के बाद अब करीब 3 करोड़ नए राशन कार्ड जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का सीधा सा मकसद यह है कि जो लोग इस व्यवस्था के असली हकदार हैं, उन्हें उनका हक मिले।

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क्यों काटे गए करोड़ों लोगों के नाम?

यह सवाल आपके मन में भी आ रहा होगा कि आखिर इतने सारे नाम लिस्ट से क्यों हटाए गए? जांच में सामने आया कि देश में लाखों लोग ऐसे थे जो इस योजना के पात्र नहीं थे, फिर भी लाभ ले रहे थे। खाद्य मंत्रालय ने करीब 8.51 करोड़ ऐसे संदिग्ध नामों की पहचान की थी, जिनमें कई मृत व्यक्ति थे, कुछ लोग इनकम टैक्स देते थे, तो कुछ के पास चार पहिया गाड़ियां थीं।

मंत्रालय ने यह सूची राज्यों को भेजी, जिसके बाद राज्य सरकारों ने अपने स्तर पर जांच की और अब तक लगभग 2.21 करोड़ अयोग्य लोगों के नाम लिस्ट से हटा दिए हैं। खाद्य मंत्री ने यह भी साफ किया कि यह कार्रवाई राज्यों ने अपने नियमों के मुताबिक की है।

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देश में किसे मिल रहा है फायदा?

इस समय देश के एक बहुत बड़े हिस्से को सरकार की तरफ से Free Ration Yojana का लाभ मिल रहा है। आंकड़ों की बात करें तो अभी लगभग 79 करोड़ लोग इस व्यवस्था से जुड़े हैं, जबकि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ लोगों तक मुफ्त अनाज पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

अब चूंकि फर्जी नाम हट चुके हैं, इसलिए सरकार ने राज्यों को नए और योग्य परिवारों को जोड़ने की हरी झंडी दे दी है। राशन वितरण को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है, जिससे गड़बड़ी की गुंजाइश न के बराबर बची है। आज के समय में ई-पॉस मशीनों के जरिए करीब 98.5 प्रतिशत राशन का बंटवारा हो रहा है।

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सरकार के इस कदम का उद्देश्य बजट काटना नहीं, बल्कि यह पक्का करना है कि देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों का अनाज कोई और न हड़प सके। अयोग्य लोगों के हटने से जो जगह खाली हुई है, उससे देश के लगभग 3 करोड़ गरीब परिवारों को बहुत जल्द नया राशन कार्ड मिल सकेगा, जिससे उन्हें सीधे तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा।

यह भी पढ़ें: Neet UG re-exam की तैयारियां तेज: शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan की High-level बैठक, पारदर्शिता पर कड़े निर्देश

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