Jantar Mantar: देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का पहला जमीनी प्रदर्शन आयोजित किया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाखों फॉलोवर्स होने का दावा करने वाली इस पार्टी की ऑनलाइन भीड़ इस पहले जमीनी आयोजन में उम्मीद के मुताबिक नजर नहीं आई। पार्टी के इस पहले बड़े जमीनी शक्ति प्रदर्शन में सोशल मीडिया की लोकप्रियता और वास्तविक धरातल के समर्थन के बीच एक बड़ा अंतर साफ देखने को मिला, जिससे अपेक्षित जनसैलाब आयोजन स्थल पर एकत्रित नहीं हो सका।
शाम 5 बजे तक प्रदर्शन की थी अनुमति, कम उपस्थिति के चलते दोपहर 3 बजे ही समाप्त हुआ कार्यक्रम
इस विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी की गई थीं और पार्टी के पदाधिकारियों ने नियमानुसार शाम 5:00 बजे तक प्रदर्शन करने की लिखित अनुमति ली थी। हालांकि, तय समय के बीतने के बाद भी जब कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त संख्या में लोग और कार्यकर्ता नहीं पहुंचे, तो आयोजकों को तय रणनीति में बदलाव करना पड़ा। निर्धारित समय से करीब दो घंटे पहले, यानी दोपहर 3:00 बजे ही इस विरोध प्रदर्शन को समेट दिया गया और पार्टी के नेता वहां से रवाना हो गए।
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संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका से पहुंचे थे Jantar Mantar
पार्टी के लिए यह आयोजन बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसके संस्थापक अभिजीत दीपके विशेष रूप से इस आंदोलन और प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए अमेरिका से दिल्ली पहुंचे थे। हालांकि, आयोजन स्थल पर उम्मीद के मुताबिक माहौल नहीं बन पाया और कार्यक्रम को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सोशल मीडिया के मजबूत बेस के बाद भी पहले जमीनी शक्ति प्रदर्शन में सांगठनिक कमजोरी सामने आने के चलते अब यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली के राजनीतिक हलकों में गहन चर्चा का विषय बना हुआ है।
