आतंक और अलगाववाद से जुड़े मामलों में लंबे वक्त से जेल में बंद आतंकवादी यासीन मलिक (Yasin Malik) के खिलाफ अब मनी लॉड्रिंग केस से भी कानूनी शिकंजा कस गया है। दिल्ली की स्पेशल NIA कोर्ट ने यासीन मलिक और 6 अन्य आरोपियों पर PMLA के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। ED के मुताबिक पाकिस्तान से हवाला के जरिए करीब 8 करोड़ 94 लाख रुपये की फंडिंग की गई। आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के लिए किया गया। बता दें कि यासीन मलिक का नाम सिर्फ इस मामले तक सीमित नहीं है उसका अतीत कश्मीर में आतंक और अलगाववाद से जुड़े कई गंभीर मामलों से जुड़ा रहा है।
कौन है यासीन मलिक ?
– यासीन मलिक JKLF का प्रमुख और अलगाववादी नेता था। यासीन ने 80 के दशक में कश्मीर में राजनीतिक विरोध से जुड़कर युवाओं को भारत के खिलाफ भड़काता था।
– 1988 में कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए हथियारों के दम पर आतंकवाद फैलाया
– 1989 में रुबिया सईद केंद्रीय गृह मंत्री की बेटी का अपहरण कर आतंकवादियों को जेल से छुड़ाया
– 1990 में श्रीनगर में भारतीय वायुसेना के चार जवानों की हत्या की
– 1990 में हुए कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट के अपहरण, बलात्कार और हत्या का भी मुख्य आरोपी है
– 2010-2017 के दौरान कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए लश्कर-ए-तैयबा
– हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे संगठनों से मिलकर आपराधिक साजिश रची
– इन गंभीर देशविरोधी और टेरर फंडिंग गतिविधियों के चलते 2022 में दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने उम्रकैद की सजा दी
– 2017 में कश्मीर में पत्थरबाजी और आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान से करीब 8 करोड़ 94 लाख रुपये लिए
अब इसी मामले में गुरूवार को कोर्ट ने नए आरोप तय करने के आदेश दिए है। 30 सितंबर को आरोपों को स्वीकार-अस्वीकार करने के लिए आरोपियों को पेश होना था। लेकिन सुरक्षा कारणों से आरोपियों को पेश नहीं किया जा सका। अब अदालत ने न्यायिक हिरासत में सभी आरोपियों से आरोपों पर हस्ताक्षर कराने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी। फिलहाल यासिन मलिक दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा है।
यह भी पढ़ें: UP Shikshamitra: यूपी के शिक्षामित्रों को Allahabad High Court से बड़ा झटका | DD News UP

