West Bengal चुनाव मतगणना: सुप्रीम कोर्ट ने TMC की मांग ठुकराई, चुनाव आयोग के फैसले को बताया सही

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West Bengal विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) की याचिका खारिज किए जाने के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता नलिन कोहली ने टीएमसी की लगातार कानूनी चुनौतियों पर तीखा कटाक्ष किया है। भाजपा नेता ने West Bengal में दोबारा चुनाव (repolls) कराने के चुनाव आयोग (ECI) के फैसले की जमकर तारीफ की है।

TMC की राजनीति और सुप्रीम कोर्ट का रुख

भाजपा नेता नलिन कोहली ने TMC पर निशाना साधते हुए इसे “रोजाना” मुकदमों की राजनीति करने वाली पार्टी करार दिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा TMC की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करना मौजूदा चुनावी प्रक्रिया की पूरी वैधता और निष्पक्षता की पुष्टि करता है।

  • अदालत का फैसला: कोहली ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में याचिकाएं होने के बावजूद, हर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करने और TMC की रणनीति को झटका देने के लिए सुप्रीम कोर्ट की तारीफ की जानी चाहिए।

  • लोकतांत्रिक भागीदारी: West Bengal में लगभग 93% का भारी मतदान दर्ज किया गया है। भाजपा नेता ने इस उच्च मतदान का श्रेय राज्य के मतदाताओं, चुनाव आयोग (ECI) और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी को दिया है।

West Bengal मे EVM को ढकने के मामलों पर भाजपा का कड़ा रुख

नलिन कोहली ने विभिन्न मतदान केंद्रों से सामने आए दृश्यों और फुटेज को “चौंकाने” वाला बताया। उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का गंभीर आरोप लगाया:

“West Bengal में चुनाव कराने के लिए ECI और सुरक्षा बलों की तारीफ होनी चाहिए, जहां मतदाताओं की भारी भागीदारी देखने को मिली। जहां तक दोबारा चुनाव की बात है, तो यह अपेक्षित ही था, क्योंकि इन बूथों से जो दृश्य सामने आए थे, वे चौंकाने वाले थे और इस बात की पुष्टि करते थे कि TMC और उसके कार्यकर्ता भाजपा के चुनाव चिह्न को टेप से ढककर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दखल दे रहे थे; ECI तो बस वही कर रहा है जिसकी उससे उम्मीद थी।”

कपिल सिब्बल का पक्ष और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

इस मामले पर राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने TMC का पक्ष रखते हुए सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के सर्कुलर को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया:

  • सर्कुलर का पालन: सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को 13 अप्रैल के सर्कुलर को पूरी तरह से और सही भावना के साथ लागू करने का निर्देश दिया है।

  • कर्मचारियों की तैनाती: सिब्बल ने दावा किया कि सर्कुलर में केंद्र और राज्य दोनों के कर्मचारियों को तैनात करने की बात कही गई है।

  • याचिका का उद्देश्य: उन्होंने कहा कि TMC ने इस सर्कुलर को चुनौती नहीं दी, बल्कि अदालत से इसे लागू करने की मांग की थी, जिसमें राज्य और केंद्र के कर्मचारियों का रैंडम चयन शामिल है

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