Uri Mine Blast : जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है। Uri Mine Blast की घटना में सेना के दो जवान घायल हो गए हैं। यह धमाका नियंत्रण रेखा (LoC) के पास हुआ, जिसके बाद दोनों घायल सैनिकों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना कमलकोट सब-सेक्टर में हुई, जहां सेना की 8 राष्ट्रीय राइफल्स (8 RR) की अग्रिम चौकी के पास अचानक माइन ब्लास्ट हुआ। फिलहाल धमाके के कारणों की जांच की जा रही है।
उरी सेक्टर में कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, यह घटना 12 इन्फैंट्री ब्रिगेड के अंतर्गत आने वाली 8 राष्ट्रीय राइफल्स की अपर गढ़ फॉरवर्ड पोस्ट के पास हुई। यह इलाका उरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि माइन धमाके की चपेट में आने से सेना के दो जवान घायल हुए। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद इलाके को सुरक्षित किया गया और राहत एवं बचाव की कार्रवाई शुरू की गई।
घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर पहुंचाया गया अस्पताल
माइन ब्लास्ट में घायल हुए दोनों जवानों को बेहतर इलाज के लिए तुरंत घटनास्थल से निकाला गया। इसके बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर श्रीनगर स्थित बादामीबाग सेना के बेस हॉस्पिटल ले जाया गया। घायल जवानों की पहचान दफादार विजय कुमार (42) और नायक शरणपा अंगारी (28) के रूप में हुई है। दोनों सैनिक 8 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात हैं। सेना के अधिकारियों के अनुसार, दोनों जवानों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। घटना के बाद सेना ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि माइन ब्लास्ट किस वजह से हुआ। LoC के पास का इलाका बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां सुरक्षा बल लगातार सतर्क रहते हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखते हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क हैं। हाल ही में सांबा और राजौरी जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा और LoC के पास संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने कई इलाकों में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, सांबा में नंदपुर और राजौरी के नौशेरा सेक्टर में ड्रोन जैसी गतिविधियां देखी गई थीं। इसके बाद सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर इलाके में जांच अभियान चलाया।
हथियार और नशीले पदार्थों की आशंका को लेकर जांच
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं इन संदिग्ध ड्रोन के जरिए हथियार या नशीले पदार्थ तो नहीं गिराए गए। सीमा क्षेत्रों में ड्रोन का इस्तेमाल सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में सुरक्षाबल लगातार निगरानी और गश्त बढ़ा रहे हैं। यह घटना उस समय सामने आई है जब जम्मू-कश्मीर में आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। जम्मू में प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों की एक अहम बैठक भी हुई, जिसमें स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा की गई।







