Twisha Sharma Case में CBI का एक्शन, पूर्व जज गिरिबाला सिंह को कोर्ट में किया पेश

Twisha Sharma Case

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Twisha Sharma Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़े चर्चित और हाई-प्रोफाइल त्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच तेज कर दी है। शुक्रवार को सीबीआई ने भोपाल जिला अदालत (Bhopal District Court) में इस मामले की मुख्य आरोपी और मृतका की सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह को पेश किया। सीबीआई ने अदालत से गिरिबाला सिंह की पांच दिनों की कस्टोडियल रिमांड मांगी है। इसके साथ ही, जांच एजेंसी ने मृतका के पति और सह-आरोपी समर्थ सिंह की भी सीबीआई रिमांड को और पांच दिनों के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया है।

इस बीच, आरोपी गिरिबाला सिंह के वकील ने अदालत को बताया कि सीबीआई द्वारा मांगी गई पांच दिनों की रिमांड पर बचाव पक्ष को कोई आपत्ति (No Objection) नहीं है।

हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद कल हुई थी पूर्व जज की गिरफ्तारी

इससे पहले, सीबीआई ने गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया था, जिससे इस मामले की जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (Madhya Pradesh High Court) द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका को रद्द किए जाने के ठीक एक दिन बाद हुई।

दरअसल, इससे पहले 15 मई को भोपाल के 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत की राहत दी थी, जिसे हाईकोर्ट ने पूरी तरह से खारिज (Set Aside) कर दिया। हाईकोर्ट द्वारा गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाने के बाद सीबीआई के लिए हिरासत में लेकर पूछताछ करने का रास्ता साफ हो गया था।

दिसंबर 2025 में हुई थी शादी; भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली त्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह के साथ हुई थी। विवाह के कुछ महीनों बाद ही, बीते 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में त्विशा की मौत हो गई थी। वारदात के बाद मृतका के मायके पक्ष (परिजनों) ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ही उनके दामाद और ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए त्विशा को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।

यह भी पढ़े: Twisha Sharma Case: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर भावुक हुए CJI सूर्यकांत; बोले— ‘हम दुखी हैं कि न्यायपालिका…

Twisha Sharma Case बेहद गंभीर इसलिए भी है क्योंकि इसमें नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की सख्त धाराएं लगाई गई हैं:

  • धारा 80(2): दहेज मृत्यु (Dowry Death) के तहत आरोप।

  • धारा 85: पति या रिश्तेदारों द्वारा महिला के प्रति क्रूरता।

  • धारा 3(5): सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कई व्यक्तियों द्वारा किया गया कृत्य।

  • इसके अलावा, दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

Twisha Sharma Case: सुप्रीम कोर्ट ने दिया था CBI जांच का आदेश

आपको बता दें कि इस मामले की गंभीरता और आरोपियों के रसूख को देखते हुए सोमवार को देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court of India) ने मामले में सीधा हस्तक्षेप किया था। सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय पुलिस से केस लेकर सीबीआई (CBI) को सौंपने का निर्देश दिया था और मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाने को कहा था।

इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने पीड़ित परिवार और आरोपी पक्ष (पति समर्थ सिंह और पूर्व जज गिरिबाला सिंह) दोनों को ही सख्त हिदायत दी थी कि वे चल रही संवेदनशील जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए इस मामले पर कोई भी सार्वजनिक बयानबाजी करने से पूरी तरह परहेज करें। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम और त्विशा की मौत के पीछे की असली वजहों को खंगालने के लिए सीबीआई की विस्तृत जांच जारी है।

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