Sikkim Landslide : सिक्किम में प्राकृतिक आपदा का कहर देखने को मिल रहा है। राज्य के ग्यालशिंग जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शुक्रवार (25 सितंबर) की रात एक बड़ा भूस्खलन (Landslide) हो गया। ग्यालशिंग के रिंबी गांव में देर रात हुए इस हादसों के कारण कई आवासीय मकानों और सरकारी परिसरों को भारी नुकसान पहुंचा है। अचानक हुए भूस्खलन के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
सरकारी आवास और निजी मकान क्षतिग्रस्त
स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ग्यालशिंग जिले के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही थी। शुक्रवार रात रिंबी गांव के ऊपरी हिस्से से मिट्टी और चट्टानें खिसककर नीचे आ गईं।
इस भूस्खलन की चपेट में आने से कई मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जबकि कुछ मकानों को आंशिक रूप से भारी नुकसान पहुंचा है। इनमें स्थानीय लोगों के निजी घरों के साथ-साथ कुछ सरकारी आवास भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने जताया दुख, अधिकारियों को दिए सतर्क रहने के निर्देश
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने रिंबी गांव में हुई इस दुर्घटना और तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उनका कल्याण राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है।
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प्रशासन को निर्देश: सीएम तमांग ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को पूरे इलाके में चौबीसों घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
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तत्काल राहत कार्य: प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उन्हें जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।
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जनता से अपील: मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे जारी मूसलाधार बारिश को देखते हुए बेहद सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी परामर्शों (Advisories) का कड़ाई से पालन करें।
पहले ही सुरक्षित स्थान पर भेजे गए थे 161 लोग
इस भीषण लैंडस्लाइड के बावजूद किसी की जान न जाने की मुख्य वजह प्रशासन की सतर्कता रही। ग्यालशिंग जिले में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने 16 सितंबर को ही संवेदनशील इलाकों से कम से कम 161 लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में भेज दिया था।
समय रहते उठाए गए इस कदम की वजह से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। फिलहाल प्रभावित इलाकों में मलबे को हटाने और स्थिति को सामान्य करने का काम तेजी से जारी है।

