Rajnath Singh ने शुक्रवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक विशेष संस्मरणात्मक पुस्तक (Commemorative Volume) का विमोचन किया। इस ऐतिहासिक पुस्तक में इस सैन्य ऑपरेशन में सीधे तौर पर शामिल रहे थल सेना, नौसेना और वायुसेना के 100 अधिकारियों, नाविकों, वायुसैनिकों और जवानों के व्यक्तिगत अनुभवों और उनके बयानों (Testimonies) को संकलित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान इस प्रकाशन का अनावरण किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आधुनिक युद्ध के मानवीय पहलुओं को उजागर करना और ऑपरेशन के दौरान सशस्त्र बलों के जवानों द्वारा दिखाए गए साहस, अद्वितीय नेतृत्व और लचीलेपन को दुनिया के सामने लाना है।
चार दिनों में पाकिस्तान को घुटने टेकने पर किया मजबूर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने बताया कि
Operation Sindoor was an unprecedented success where India compelled Pakistan to seek a ceasefire under four days. It was different from all other wars that India has fought so far.
The commemorative publication on Operation Sindoor released today goes beyond historical account… pic.twitter.com/pTmS6bZRww
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) May 29, 2026
देश के नागरिकों के लिए महान प्रेरणास्रोत-Rajnath Singh
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने देशवासियों से इस पुस्तक से सीख लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यह पुस्तक हमें अपने सैनिकों के समर्पण और अडिग हौसले से जोड़ती है। देश के नागरिकों को इस पुस्तक से प्रेरणा लेनी चाहिए और खुद को एक ऐसा योग्य नागरिक साबित करना चाहिए, जो उस भारी कीमत का सम्मान कर सके जो यह देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को अक्षुण्ण रखने के लिए चुकाता है।
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कमांड मुख्यालय के फैसलों से लेकर, सीधे अग्रिम मोर्चे की गाथा
पारंपरिक सैन्य रिकॉर्ड्स के विपरीत, जो आमतौर पर मुख्यालयों में लिए गए नीतिगत निर्णयों पर केंद्रित होते हैं, यह पुस्तक सीधे जमीनी मोर्चे पर तैनात कर्मियों के आंखों देखे और भोगे हुए अनुभवों को प्रस्तुत करती है। इसमें नियंत्रण रेखा (LoC) पर तैनात जवानों, दुश्मन के ड्रोनों को मार गिराने वाले एयर डिफेंस ऑपरेटरों, कॉम्बैट मिशन को अंजाम देने वाले फाइटर पायलटों, समुद्र में तैनात नौसैनिकों, स्पेशल फोर्सेज के कमांडो, रसद प्रबंधकों (Logisticians), सिग्नलर्स और कठिन परिस्थितियों में जीवन बचाने वाले चिकित्सा अधिकारियों के सीधे साक्षात्कार और संस्मरण शामिल हैं। तीनों सेनाओं और एकीकृत रक्षा प्रतिष्ठानों के अनुभवों को शामिल किए जाने के कारण यह पुस्तक इस ऑपरेशन का एक समग्र और व्यापक दृष्टिकोण पेश करती है।
विमोचन समारोह में मौजूद रहा देश का शीर्ष सैन्य नेतृत्व
इस हाई-प्रोफाइल विमोचन समारोह में रक्षा मंत्री Rajnath Singh समेत देश का शीर्ष सैन्य नेतृत्व मौजूद रहा, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह शामिल थे। इस महत्वपूर्ण पुस्तक का संकलन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के मार्गदर्शन में किया गया है। पुस्तक के लिए तीनों सेनाओं के इनपुट्स और समन्वय का कार्य ‘अडिशनल डायरेक्टरेट जनरल ऑफ स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन’, ‘MEDIA AND PUBLIC INFORMATION CELL’ और ‘DIRECTORATE OF MEDIA AND PUBLIC RELATIONS’ द्वारा किया गया, जबकि इसके प्रकाशन में ‘यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया’ (USI) ने सहयोग प्रदान किया है।






