Kanda Express: सावन का महीना बीतने को है और रक्षाबंधन व जन्माष्टमी जैसे त्योहारों की तैयारियां जोरों पर हैं। ऐसे समय में रसोई का बजट संभालना हर परिवार के लिए चुनौती बनता दिख रहा है। त्योहारों से ठीक पहले प्याज के दाम अचानक चढ़ने लगे हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। देश के कुछ हिस्सों में खुदरा भाव 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
बफर स्टॉक से सस्ती बिक्री की योजना
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के मुताबिक, सरकार अब आम लोगों को रियायती दर पर प्याज उपलब्ध कराने जा रही है। इसके तहत महज 35 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से प्याज बेचा जाएगा। जिन इलाकों में खुदरा कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, वहां समय पर और उचित दाम में प्याज पहुंचाने के लिए भारतीय रेलवे की मदद ली जा रही है।
महाराष्ट्र के नासिक स्थित सरकारी बफर स्टॉक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए प्याज की बड़ी खेप अलग-अलग राज्यों में भेजी जा रही है। 800 टन प्याज लेकर पहली कांदा एक्सप्रेस बुधवार को राजधानी दिल्ली पहुंच रही है। दिल्ली में प्याज की बिक्री नेफेड (NAFED), एनसीसीएफ (NCCF) और केंद्रीय भंडार की दुकानों व मोबाइल वैन के जरिए की जाएगी।
पांच बड़े शहरों से आपूर्ति की शुरुआत
शुरुआती दौर में प्याज की आपूर्ति देश के पांच प्रमुख केंद्रों—दिल्ली, चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी में की जाएगी। इसके बाद बाजार की जरूरतों और स्थानीय मांग को देखते हुए अन्य शहरों और राज्यों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि प्याज की कीमतों में कितना उछाल आया है। 24 अगस्त तक देशभर में प्याज की औसत खुदरा कीमत सालाना आधार पर 59 प्रतिशत बढ़कर 43.53 रुपये प्रति किलो हो गई है, जबकि बीते साल इसी अवधि में यह 27.37 रुपये प्रति किलो थी। वहीं, औसत थोक कीमत भी 68 प्रतिशत बढ़कर 35.58 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है, जो पिछले साल 21.23 रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी।
त्योहारों में दाम बढ़ने की मुख्य वजहें
हर साल अगस्त और सितंबर के महीनों में प्याज के दामों में अक्सर उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इस दौरान त्योहारों की वजह से बाजार में मांग बढ़ जाती है, जबकि मौसम की अनिश्चितता और मंडियों में नई फसल की आवक कम होने से सप्लाई चेन प्रभावित होती है।
यही वजह है कि सरकार अपने बफर स्टॉक से प्याज निकालकर प्रमुख मंडियों और बड़े शहरों के बाजारों में उतारती है। इस बार रेलवे नेटवर्क का इस्तेमाल करके ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए सप्लाई को तेज किया गया है, ताकि आम उपभोक्ताओं को त्यौहार के मौसम में महंगे प्याज से तुरंत राहत मिल सके।
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