President Murmu का Romania में बड़ा बयान: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में आयोजित India-Romania व्यापार मंच को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन, रोमानिया सरकार के कई मंत्री, भारत और रोमानिया के शीर्ष कारोबारी और दोनों देशों के उद्योग संघों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि यूरोप के प्रमुख चौराहे पर स्थित रोमानिया अपनी रणनीतिक स्थिति, कुशल कार्यबल और यूरोपीय संघ के साथ मजबूत जुड़ाव के कारण भारत का एक स्वाभाविक साझेदार है। उन्होंने भारतीय और रोमानियाई कंपनियों का आह्वान किया कि वे एक-दूसरे के देश में व्यापार और निवेश के नए रास्ते तलाशें।
यूरोपीय बाजार का प्रमुख प्रवेश द्वार है रोमानिया
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि romania केवल निवेश के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह पूरे यूरोपीय संघ के विस्तृत बाजार तक पहुंचने का एक मजबूत माध्यम भी है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि इस मंच पर भारत से एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ है।
यह सहभागिता इस बात का सीधा प्रमाण है कि भारतीय उद्योग जगत का रोमानिया में मौजूद अवसरों पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है। भारतीय कंपनियां अब रोमानियाई व्यवसायों के साथ मिलकर लंबी अवधि की साझेदारियां बनाने के लिए आगे आ रही हैं।
भारत-यूरोपीय संघ FTA से खुलेंगे नए अवसर
व्यापार और आर्थिक जुड़ाव को भारत और यूरोपीय संघ की वर्तमान साझेदारी की सबसे मुख्य धुरी बताते हुए राष्ट्रपति ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी चर्चा की। लगभग दो अरब की आबादी और करीब 25 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला यह समझौता दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक करारों में से एक है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस एफटीए का समय पर और प्रभावी ढंग से लागू होना बेहद जरूरी है। इससे कारोबारियों के लिए एक स्थिर और पारदर्शी माहौल तैयार होगा। साथ ही दोनों देशों के एमएसएमई (MSME), नए स्टार्ट-अप (start up) और इनोवेशन (inovation) करने वाले युवाओं को आगे बढ़ने के कई नए मौके मिलेंगे।
विकसित भारत 2047 की दिशा में बढ़ते कदम
भारत की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य वर्ष 2047 में आजादी के 100 साल पूरे होने तक देश को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है।
भारत का यह विकास सफर केवल देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश, तकनीक के लेन-देन और व्यापारिक साझेदारियों के दरवाजे खोल रहा है। सरकार ने टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने के साथ-साथ प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी योजनाओं के जरिए विदेशी निवेशकों के लिए माहौल को और अधिक सहज बनाया है।
इन प्रमुख क्षेत्रों में मिल कर काम करने की गुंजाइश
राष्ट्रपति मुर्मु ने दोनों देशों के बीच सहयोग के कई नए क्षेत्रों की पहचान की। उन्होंने बताया कि ऊर्जा सुरक्षा और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में दोनों देश काफी कुछ साथ मिलकर कर सकते हैं। इसके अलावा, रसायन और उर्वरक उद्योग में भी romania की क्षमता का लाभ उठाया जा सकता है।
भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्ट-अप नेटवर्क रोमानिया के सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और साइबर सुरक्षा के ज्ञान के साथ जुड़कर बेहतरीन परिणाम दे सकता है। ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, रेलवे, हाईवे, पोर्ट, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा और कृषि-खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के पास मिलकर काम करने के व्यापक अवसर मौजूद हैं।
मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और रोजगार पर ध्यान
संबोधन के अंत में राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के कारोबारी समुदाय इन अवसरों का लाभ उठाकर सफल साझेदारी में बदलेंगे।
उन्होंने रोमानियाई कंपनियों को भारत की विकास यात्रा से जुड़ने का न्योता दिया और कहा कि दोनों देशों के उद्योग मिलकर एक टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) का निर्माण कर सकते हैं। इससे न केवल नए रोजगार पैदा होंगे, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के लिए स्थायी समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
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