PM Modi अक्सर अपने भाषणों और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए देशवासियों को प्रेरित करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने आधिकारिक अकाउंट पर कुछ बेहद सुंदर और ज्ञानवर्धक विचार साझा किए हैं। इन पोस्ट्स के जरिए उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान और परंपरा को आधुनिक जीवन से जोड़कर देखने का एक नया नजरिया दिया है। उनके द्वारा शेयर किए गए ये विचार और श्लोक न केवल जीवन में सकारात्मकता लाते हैं, बल्कि देश की प्रगति में हर नागरिक की भूमिका को भी रेखांकित करते हैं।
PM Modi का मंगलवार सुभाषित
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष सुभाषित साझा किया, जिसमें सूर्य और उसके प्रकाश के आपसी संबंध को समझाया गया है। उन्होंने श्लोक के माध्यम से बताया कि जैसे सूर्य अपने प्रकाश के बिना नहीं दिख सकता और प्रकाश का सूर्य के बिना कोई अस्तित्व नहीं है, वैसे ही समाज में भी सब एक-दूसरे पर निर्भर हैं। इस तरह की बातें हमें सिखाती हैं कि एकता और मिल-जुलकर काम करना क्यों जरूरी है।
प्रभया हि विना यद्वद् भानुरेष न विद्यते।
प्रभा च भानुना तेन सुतरां तदुपाश्रया॥ pic.twitter.com/jjLE20617F
— Narendra Modi (@narendramodi) July 14, 2026
Social Media पर चौतरफा विकास पर बात
इससे पहले सोमवार को भी उन्होंने social media पर देश के चौतरफा विकास को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने लिखा था कि जब हर देशवासी के जीवन में अच्छा बदलाव आता है, तभी देश आगे बढ़ता है। इसी के साथ उन्होंने जनप्रतिनिधियों के कर्तव्यों को याद दिलाते हुए एक श्लोक भी साझा किया, जिसका सीधा संदेश बेटियों के हितों की रक्षा और नई पीढ़ी के विकास से जुड़ा था।
जब चौतरफा विकास के साथ हर देशवासी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है, तब राष्ट्र की प्रगति को भी नई गति मिलती है। इसी प्रेरक भावना के साथ हम भारत के सामर्थ्य को निरंतर मजबूती देने में जुटे हुए हैं।
कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्।
राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे… pic.twitter.com/l7LZyxxNoY
— Narendra Modi (@narendramodi) July 13, 2026
संस्कृत श्लोक
प्रधानमंत्री ने 9 जुलाई को भी एक बहुत ही व्यावहारिक संस्कृत श्लोक शेयर किया था। इस श्लोक का सीधा संबंध हमारे युवाओं के संकल्पों से है। उन्होंने बताया कि बिना निराश हुए लगातार प्रयास करते रहना ही सफलता की असली चाबी है। जीवन में उत्साह और दृढ़ विश्वास बनाए रखना ही इंसान को सबसे बड़ी खुशी देता है।
दृढ़ विश्वास, सतत प्रयास और सकारात्मक सोच सफलता की असली कुंजी है। हमारे युवा साथी इन्हीं गुणों के साथ पूरे समर्पण भाव से विकसित भारत के निर्माण में जुटे हैं।
अनिर्वेदः श्रियो मूलमनिर्वेदः परं सुखम्।
अनिर्वेदो हि सततं सर्वार्थेषु प्रवर्तकः॥ pic.twitter.com/iXl3bEZOdF
— Narendra Modi (@narendramodi) July 9, 2026
पीएम मोदी सुभाषित
पीएम मोदी द्वारा साझा किए गए ये सुभाषित हमें याद दिलाते हैं कि हमारी पुरानी सीख आज के दौर में भी कितनी सही बैठती है। चाहे जीवन में आगे बढ़ना हो या समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी हो, ये बातें हर जगह काम आती हैं।
विकसित भारत
आज जब देश विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब युवाओं के लिए ये संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच के साथ काम करके ही हम देश को समृद्ध बना सकते हैं।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए ये विचार हमें अपने लक्ष्यों के प्रति गंभीर रहने की प्रेरणा देते हैं। जीवन में कितनी भी चुनौतियां आएं, अगर हम सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहेंगे, तो सफलता जरूर मिलेगी।
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