Petrol-Diesel price hike: महंगाई के इस दौर में आम आदमी के बजट को एक और झटका लगा है। अगर आप सोच रहे थे कि इस हफ्ते गाड़ी की टंकी फुल करा लें, तो थोड़ा रुकिए, क्योंकि पेट्रोल और डीजल के दाम फिर से बढ़ गए हैं। महज एक हफ्ते के भीतर तेल कंपनियों ने दूसरी बार ईंधन की कीमतों में इजाफा किया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस बार रसोई गैस (LPG) के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आइए जानते हैं कि आज से आपकी जेब पर कितना बोझ बढ़ने वाला है और देश के बड़े शहरों में तेल का नया रेट क्या है।
दिल्ली से लेकर चेन्नई तक बदला तेल का गणित
मंगलवार को सुबह-सुबह तेल कंपनियों ने नए रेट जारी कर दिए। देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 0.87 रुपये और डीजल में 0.91 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस नए बदलाव के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल के लिए ₹98.64 और डीजल के लिए ₹91.36 (या कुछ जगहों पर ₹91.58 तक) चुकाने होंगे।
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देश के अन्य महानगरों का भी यही हाल है। कोलकाता में पेट्रोल अब ₹109.70 और डीजल ₹96.07 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं, चेन्नई में आज से पेट्रोल की कीमत ₹104.49 और डीजल ₹96.11 प्रति लीटर हो गई है।
5 दिन पहले भी बढ़े थे दाम, कंपनियों का घाटा अब भी बरकरार
आपको याद दिला दें कि अभी सिर्फ 5 दिन पहले ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3-3 प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। इस बार की बढ़ोतरी के बाद तेल कंपनियों का दैनिक घाटा, जो पहले ₹1,000 करोड़ प्रति दिन तक पहुंच गया था, वह घटकर अब करीब ₹750 करोड़ रह गया है।
क्रिसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी टैक्स (उत्पाद शुल्क) में राहत और हालिया कीमतों में बढ़ोतरी के बाद भी कंपनियों को पेट्रोल पर करीब ₹10 और डीजल पर ₹13 प्रति लीटर का घाटा उठाना पड़ रहा है। अनुमान है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण मई के अंत तक यह कुल घाटा ₹1 लाख करोड़ के पार जा सकता है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल, डीजल और LPG के नए रेट्स
आइए एक नजर डालते हैं आपके शहर के ताजा भाव पर, ताकि आप अपना बजट उसी हिसाब से प्लान कर सकें:
| शहर | पेट्रोल (प्रति लीटर) | डीजल (प्रति लीटर) | घरेलू LPG (14.2kg) |
| दिल्ली | ₹98.64 | ₹91.36 / ₹91.58 | ₹913.00 |
| लखनऊ | ₹98.42 | ₹91.73 | ₹950.50 |
| कोलकाता | ₹109.70 | ₹96.07 | ₹939.00 |
| पटना | ₹109.54 | ₹95.58 | ₹1,002.50 |
| जयपुर | ₹108.94 | ₹94.14 | ₹916.50 |
| बेंगलुरु | ₹107.14 | ₹95.04 | ₹915.50 |
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें और क्या सरकार देगी सब्सिडी?
इस बढ़ती महंगाई के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) का महंगा होना और डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना है। खासकर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और संघर्ष की वजह से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसी दबाव के कारण तेल कंपनियों को मजबूरन दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं।
अगर आप सोच रहे हैं कि सरकार इस मामले में कोई सब्सिडी देकर राहत देगी, तो इसकी उम्मीद फिलहाल कम है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि तेल कंपनियों को राहत देने के लिए सरकार किसी भी सब्सिडी पैकेज पर विचार नहीं कर रही है।
पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। जब भी ईंधन महंगा होता है, तो माल ढुलाई महंगी हो जाती है, जिसका सीधा असर फल, सब्जियों और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ता है। हालांकि रसोई गैस के दाम स्थिर रहने से थोड़ी राहत जरूर है, लेकिन तेल के बढ़ते दाम आने वाले दिनों में आम आदमी के रसोई के बजट और मासिक खर्च को निश्चित रूप से प्रभावित करेंगे।
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